धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को जल्द मिलेगी फॉरेस्ट क्लीयरेंस, सालाना 52 हजार यात्री भर सकेंगे उड़ान
झारखंड के धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को मिली रफ्तार
रांची: झारखंड के बहुप्रतीक्षित धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना के लिए वन (फॉरेस्ट) क्लीयरेंस की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसके शीघ्र मिलने की संभावना जताई जा रही है। क्लीयरेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट निर्माण कार्य में तेजी आएगी और पूर्वी सिंहभूम सहित आसपास के क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क मिल सकेगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के तहत विकसित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद शुरुआती चरण में हर वर्ष लगभग 52 हजार यात्रियों के हवाई सफर करने का अनुमान है।
एयरपोर्ट परियोजना के लिए आवश्यक वन भूमि से जुड़े प्रस्ताव पर संबंधित स्तर पर प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद निर्माण कार्य को गति दी जाएगी।
वन स्वीकृति मिलने के बाद भूमि विकास, रनवे, टर्मिनल भवन और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
पूर्वी झारखंड को मिलेगा बड़ा लाभ
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट बनने से पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर, घाटशिला, सरायकेला-खरसावां और आसपास के जिलों के लोगों को हवाई यात्रा की बेहतर सुविधा मिलेगी। अभी इस क्षेत्र के यात्रियों को लंबी दूरी तय कर दूसरे हवाई अड्डों का सहारा लेना पड़ता है।
नई हवाई सेवा शुरू होने से व्यापार, उद्योग, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सालाना 52 हजार यात्रियों का अनुमान
परियोजना के प्रारंभिक आकलन के अनुसार एयरपोर्ट के संचालन के शुरुआती चरण में प्रति वर्ष करीब 52 हजार यात्रियों के यहां से यात्रा करने की संभावना है। भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ एयरपोर्ट का विस्तार भी किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और पर्यटन के विकास के कारण हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ेगी।
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
एयरपोर्ट बनने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। निर्माण कार्य से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जबकि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद परिवहन, होटल, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र में नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
इसके अलावा, उद्योगों को तेज और सुविधाजनक हवाई संपर्क मिलने से कारोबार को भी गति मिलेगी।
सरकार की प्राथमिकता में परियोजना
राज्य और केंद्र सरकार दोनों इस परियोजना को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना के रूप में देख रहे हैं। संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ आवश्यक स्वीकृतियां तेजी से पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी मंजूरियां मिलने के बाद निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगा विकास
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के चालू होने से झारखंड का हवाई नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे क्षेत्र के लोगों को प्रमुख शहरों तक तेज और सुविधाजनक संपर्क मिलेगा, वहीं निवेश और पर्यटन को भी नई गति मिलने की संभावना है।