धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में जमीन धंसने की एक और घटना सामने आने के बाद लोगों में दहशत फैल गई है। बस्ताकोला क्षेत्र अंतर्गत बंद झरिया आरएसपी कॉलेज के समीप स्थित कामिनी कल्याण बस्ती में शनिवार दोपहर अचानक जमीन धंस गई। घटना के दौरान जोरदार आवाज सुनाई दी, जिसके बाद बस्ती में अफरा-तफरी मच गई।

जमीन धंसने के कारण आसपास स्थित करीब एक दर्जन घरों में दरारें आ गईं। अचानक हुए इस हादसे से लोग घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घटना के बाद पूरी बस्ती में भय का माहौल बना हुआ है।

जोरदार आवाज के बाद मची भगदड़

स्थानीय लोगों के अनुसार शनिवार दोपहर अचानक जमीन के अंदर से तेज आवाज आई। कुछ ही देर बाद जमीन का एक हिस्सा धंस गया। आवाज इतनी तेज थी कि आसपास रहने वाले लोग सहम गए। जब लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो कई घरों की दीवारों में दरारें दिखाई दीं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए बस्ती के कई परिवार तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों को आशंका थी कि कहीं जमीन का धंसाव बढ़ न जाए और बड़े हादसे की स्थिति न बन जाए।

कोयला क्षेत्र होने से पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं

धनबाद का झरिया क्षेत्र लंबे समय से भूमिगत कोयला आग और भू-धंसाव की समस्या से प्रभावित रहा है। क्षेत्र में कई जगहों पर जमीन के अंदर कोयला खनन और आग के कारण जमीन कमजोर हो चुकी है। इसके चलते समय-समय पर जमीन धंसने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

कामिनी कल्याण बस्ती में हुई इस घटना ने एक बार फिर लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं के कारण उन्हें हमेशा डर के साए में रहना पड़ता है।

प्रशासन को दी गई सूचना

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने की उम्मीद जताई गई। प्रशासन की टीम घटना स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करेगी।

जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जमीन कितनी गहराई तक धंसी है और भविष्य में वहां रहने वाले लोगों के लिए कितना खतरा है। प्रभावित घरों की स्थिति की भी जांच की जाएगी।

लोगों ने सुरक्षा की मांग उठाई

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जमीन धंसने की घटनाओं के कारण उनके घरों में दरारें आ रही हैं और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

बस्ती के लोगों ने प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने और पूरे क्षेत्र की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय स्थायी समाधान की जरूरत है।

झरिया क्षेत्र में लगातार बनी रहती है खतरे की स्थिति

झरिया क्षेत्र में भूमिगत आग और अवैध खनन के कारण कई इलाकों में जमीन धंसने का खतरा बना रहता है। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भू-धंसाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें घरों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है।

सरकार और प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों के लोगों के पुनर्वास की योजनाएं भी चलाई जाती रही हैं, लेकिन कई लोग अभी भी जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने को मजबूर हैं।

बस्ती में पसरा डर का माहौल

कामिनी कल्याण बस्ती में हुई घटना के बाद लोग डरे हुए हैं। जिन घरों में दरारें आई हैं, वहां रहने वाले परिवारों को सबसे ज्यादा चिंता अपनी सुरक्षा को लेकर है। लोग प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

फिलहाल घटना के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों की जांच और रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं, स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि प्रभावित इलाके का जल्द सर्वे कराया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

धनबाद के झरिया क्षेत्र में जमीन धंसने की यह घटना एक बार फिर कोयला क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और खतरे वाले इलाकों की पहचान कर उचित कदम उठाना है।

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