रांची। राजधानी रांची के मेन रोड में शुक्रवार को जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की ओर से निकाले गए विरोध मार्च और उसके बाद हुए हंगामे को लेकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में कोतवाली थाना में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस ने विभिन्न शिकायतों के आधार पर कई लोगों को आरोपी बनाया है।
पहली प्राथमिकी रांची के अंचल अधिकारी (सीओ) शिवशंकर पांडेय की ओर से दर्ज कराई गई है। इसमें 14 नामजद लोगों के अलावा करीब 250 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। वहीं दूसरी प्राथमिकी घायल आजाद बस्ती निवासी शाहबाज आलम की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसमें 11 नामजद और 250 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। तीसरी प्राथमिकी अंकिता वर्मा की शिकायत पर दर्ज हुई है, जिसमें सात नामजद समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
विरोध मार्च के दौरान हंगामे का आरोप
जानकारी के अनुसार, जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की ओर से शुक्रवार को रांची के मेन रोड में विरोध मार्च निकाला गया था। यह मार्च विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। इसी दौरान कुछ स्थानों पर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई।
प्रशासन के अनुसार, मार्च के दौरान हुई घटनाओं को लेकर शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
सीओ की शिकायत पर दर्ज हुआ पहला केस
रांची सीओ शिवशंकर पांडेय की ओर से दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि विरोध मार्च के दौरान कानून व्यवस्था प्रभावित हुई। मामले में 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि 250 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस अब प्राथमिकी में दर्ज नामों के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घायल युवक ने भी दर्ज कराई प्राथमिकी
इस मामले में दूसरी प्राथमिकी आजाद बस्ती निवासी शाहबाज आलम ने दर्ज कराई है। शाहबाज ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
उनकी शिकायत के आधार पर 11 नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है।
अंकिता वर्मा ने लगाया मारपीट और अभद्रता का आरोप
तीसरी प्राथमिकी अंकिता वर्मा की ओर से दर्ज कराई गई है। अंकिता ने आरोप लगाया है कि चडरी लाइन टैंक के पास विरोध मार्च में शामिल कुछ लोगों का किसी अन्य व्यक्ति से विवाद हो रहा था।
अंकिता के अनुसार, इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने उन पर एक पक्ष का समर्थन करने का आरोप लगाया और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच
कोतवाली थाना पुलिस ने तीनों प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा।
आंदोलन और कानून व्यवस्था को लेकर बढ़ी चर्चा
जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मुद्दों को लेकर पिछले कुछ समय से छात्र संगठन और अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को निकाला गया विरोध मार्च भी आंदोलन का हिस्सा था। हालांकि मार्च के दौरान हुई घटनाओं को लेकर अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।
छात्र संगठनों और प्रशासन के बीच इस मामले को लेकर आगे भी बयानबाजी होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान घटना की सच्चाई सामने लाने और दोषियों की पहचान करने पर है।
रांची के मेन रोड में हुए इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने कानून व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की हिंसा या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।