सड़क सुरक्षा पर देवघर प्रशासन सख्त

Update: 2026-06-27 12:01 GMT

देवघर: झारखंड के देवघर जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने, यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और अवैध खनन पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। समाहरणालय सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में यह जानकारी सामने आई कि जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 1157 वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कुल 28.43 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि लापरवाही बरतने वालों और नियमों को ताक पर रखने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

ब्लैक स्पॉट की पहचान और तीखे मोड़ों पर लगेंगे साइनेज

सड़क हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियों को विशेष योजना के तहत काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले के सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर एक विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार की जाए। इसके अलावा, तीखे मोड़ों पर आवश्यक साइनेज (यातायात संकेत) लगाने और सड़कों के किनारे उगी जंगली झाड़ियों की नियमित कटाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि वाहन चालकों को सामने से आ रहे वाहन स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकें और विजिबिलिटी की कमी के कारण होने वाले हादसों को रोका जा सके।

ओवरस्पीडिंग और बिना हेलमेट वालों पर बड़ी कार्रवाई

यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से विशेष चेकिंग अभियान चलाने के लिए कहा गया है। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिन 1157 चालकों पर जुर्माना लगाया गया है, वे ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट बाइक चलाने, रेस ड्राइविंग और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने जैसी गंभीर लापरवाहियों के दोषी पाए गए थे। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के लगातार अभियानों से आम जनता में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।

शराब पीकर गाड़ी चलाने और मॉडिफाइड साइलेंसर पर रोक

बैठक में पुलिस अधीक्षकों और सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि 'ड्रिंक एंड ड्राइव' (शराब पीकर वाहन चलाना) के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। ऐसे चालकों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, सड़कों पर तेज आवाज कर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले और युवाओं के बीच क्रेज बन चुके मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों के खिलाफ भी धरपकड़ तेज करने को कहा गया है, क्योंकि ये आम नागरिकों और बुजुर्गों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनते हैं।

अवैध खनन रोकने के लिए टास्क फोर्स सक्रिय, वाहनों में जीपीएस अनिवार्य

सड़क सुरक्षा के साथ-साथ जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की गतिविधियों की भी गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अवैध बालू उठाव और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अवैध खनन में शामिल पाए जाने वाले वाहनों पर केवल जुर्माना लगाकर न छोड़ा जाए, बल्कि उन्हें तुरंत जब्त (निरुद्ध) करने की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, जिले के सभी पुल-पुलिया के नीचे होने वाले अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने और बालू घाटों की नियमित निगरानी करने का आदेश दिया गया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खनिज परिवहन में लगे सभी अधिकृत वाहनों में जीपीएस (GPS) सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि उनके रूट की सटीक निगरानी की जा सके।

पोर्टल पर दर्ज होगा हर हादसे का रिकॉर्ड

प्रशासन ने तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि जिले में होने वाली हर छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटना का विवरण समय पर आईआरसी/इडार (iRAD) पोर्टल पर दर्ज किया जाना चाहिए। इससे प्राप्त सटीक आंकड़ों का उपयोग भविष्य में सड़क सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को और बेहतर बनाने में किया जा सकेगा। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय और जन-जागरूकता से देवघर को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाया जा सकेगा।

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