चक्रधरपुर में बायोगैस प्लांट निर्माण कार्य शुरू

Update: 2026-06-26 14:48 GMT

Jharkhand: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में घरेलू कचरे से जैविक खाद और बायोगैस ईंधन बनाने के लिए प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है। इस परियोजना के शुरू होने से शहर के कचरा प्रबंधन को नई दिशा मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही चक्रधरपुर को स्वच्छ और आदर्श शहर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, रेलवे की स्वीकृति मिलने के बाद एक निजी कंपनी ने प्लांट लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। प्लांट के लिए आवश्यक टैंक और मशीनें चक्रधरपुर पहुंच चुकी हैं और अन्य उपकरण भी लगातार लाए जा रहे हैं। अनुमान है कि एक महीने के भीतर प्लांट का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस प्लांट में घरेलू कचरे का उपयोग कर जैविक खाद और बायोगैस तैयार की जाएगी, जिससे किसानों और आम लोगों को सस्ती दरों पर खाद और ईंधन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

इस परियोजना के तहत रेलवे कॉलोनियों में पहले से ही कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्येक घर को हरे और नीले रंग के दो डस्टबिन दिए गए हैं। हरे डस्टबिन में जैविक कचरा और नीले डस्टबिन में प्लास्टिक व अन्य मानव निर्मित अपशिष्ट रखा जा रहा है, ताकि कचरे का सही तरीके से प्रबंधन हो सके। रेलवे के 300 से अधिक क्वार्टरों में यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है और कॉलोनी में डस्टबिन वितरण का कार्य जारी है। रेलवे अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को कचरा अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

इसके अलावा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण भी शुरू किया गया है, जिसमें निजी कंपनी के वाहन रेलवे और गैर-रेलवे क्षेत्रों से नियमित रूप से कचरा एकत्र कर रहे हैं। इससे कॉलोनियों में गंदगी और कचरे के फैलाव में काफी कमी आई है।रेल प्रशासन ने सभी कर्मचारियों और परिवारों को अपने आवास के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इस पहल से न केवल स्वच्छता में सुधार होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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