जमशेदपुर। झारखंड के आदित्यपुर निवासी युवा कलाकार विवेक मिश्रा ने अपनी कला और भक्ति का अनोखा संगम पेश करते हुए नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने भगवान श्री राधा-कृष्ण का दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक मोती पोर्ट्रेट तैयार कर वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया में अपना नाम दर्ज कराया है। चार लाख से ज्यादा क्रिस्टल और मैट मोतियों से तैयार की गई इस विशाल कलाकृति को आधिकारिक रूप से मान्यता मिल चुकी है।
आदित्यपुर के आदित्य सिंडिकेट निवासी विवेक मिश्रा ने 11 फीट लंबा और 7 फीट चौड़ा विशाल पोर्ट्रेट तैयार किया है। इस पोर्ट्रेट में भगवान श्री राधा-कृष्ण की मनमोहक छवि को बेहद बारीकी से उकेरा गया है। इस अनोखी कलाकृति के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया की ओर से विवेक को प्रमाणपत्र, पदक और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
विवेक मिश्रा ने बताया कि इस पोर्ट्रेट को तैयार करना उनके लिए केवल एक कला परियोजना नहीं थी, बल्कि यह उनकी आस्था और भक्ति का प्रतीक था। भगवान श्री राधा-कृष्ण के प्रति श्रद्धा को समर्पित करते हुए उन्होंने इस दिव्य कलाकृति को बनाने का संकल्प लिया था। इसे पूरा करने में उन्हें तीन महीने से अधिक समय लगा।
इस विशाल पोर्ट्रेट को तैयार करने में विवेक ने सैकड़ों घंटे की मेहनत की। उन्होंने एक-एक मोती को बेहद सावधानी और धैर्य के साथ सजाकर भगवान राधा-कृष्ण की तस्वीर को आकार दिया। लाखों मोतियों की बारीक सजावट और कलात्मक संयोजन इस पोर्ट्रेट को बेहद खास बनाता है।
विवेक की इस कलाकृति में कला के साथ आध्यात्मिक भावना भी दिखाई देती है। उनका कहना है कि इस पोर्ट्रेट को बनाने का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश लोगों तक पहुंचाना था। उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण के जरिए यह साबित किया कि कला के माध्यम से भी आस्था को एक नया रूप दिया जा सकता है।
अब विवेक मिश्रा अपनी इस ऐतिहासिक कलाकृति को वृंदावन ले जाकर प्रेमानंद महाराज को समर्पित करेंगे। इसके लिए वह 27 जुलाई को जमशेदपुर से वृंदावन के लिए रवाना होंगे। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का बेहद भावुक और गौरवपूर्ण पल होगा, जब वह अपनी मेहनत से तैयार की गई इस दिव्य कलाकृति को प्रेमानंद महाराज के चरणों में श्रद्धा स्वरूप अर्पित करेंगे।
विवेक की इस उपलब्धि से आदित्यपुर, जमशेदपुर और पूरे झारखंड का नाम गौरवान्वित हुआ है। स्थानीय लोगों में भी उनकी इस सफलता को लेकर खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि विवेक ने अपनी कला के माध्यम से क्षेत्र की प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली इस कलाकृति के पीछे कलाकार की लगन, धैर्य और आध्यात्मिक जुड़ाव साफ नजर आता है। चार लाख मोतियों से बनी राधा-कृष्ण की यह तस्वीर अब केवल एक कला कृति नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण की मिसाल बन गई है।
विवेक मिश्रा की यह उपलब्धि युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणा है कि मेहनत, लगन और जुनून के साथ किसी भी क्षेत्र में नई पहचान बनाई जा सकती है। उनकी बनाई यह अनोखी मोती कलाकृति आने वाले समय में कला और भक्ति के संगम के रूप में याद की जाएगी।