श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है, जहाँ कुदरत का कहर आसमान से बरसा है। अनंतनाग के चित्रगुल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नाला छोटीहाल में अचानक बादल फटने (Cloudburst) की एक भयानक घटना हुई है। पहाड़ी इलाके में हुए इस भूगर्भीय और मौसमी बदलाव के कारण निचले रिहायशी और कृषि क्षेत्रों में अचानक भीषण बाढ़ (Flash Flood) आ गई। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे इलाके में व्यापक तबाही मचाई है, जिससे स्थानीय जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। पानी की तेज रफ्तार अपने साथ भारी मात्रा में कीचड़, बड़े-बड़े पत्थर और मलबा बहाकर ले आई, जिसने देखते ही देखते पूरे चित्रगुल क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया।
इस आपदा की सबसे बड़ी और सीधी मार क्षेत्र के गरीब किसानों और बागवानों पर पड़ी है। चित्रगुल और नाला छोटीहाल के आस-पास की सैकड़ों कनाल कृषि भूमि पूरी तरह से मलबे के नीचे दब गई है। कश्मीर की आर्थिकी की रीढ़ माने जाने वाले सेब के बागों को इस बाढ़ ने गंभीर नुकसान पहुँचाया है। तेज बहाव के कारण सेब के अनगिनत पेड़ उखड़ गए हैं, और जो बचे हैं, वे मलबे में धंस चुके हैं। इसके अलावा, इस सीजन में तैयार हो रही धान की फसलों को भी इस अचानक आई बाढ़ ने पूरी तरह से तबाह कर दिया है। किसानों का कहना है कि उनकी साल भर की कड़ी मेहनत और आजीविका के साधन कुछ ही मिनटों में आँखों के सामने मलबे के ढेर में तब्दील हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है।
कृषि और बागवानी के साथ-साथ चित्रगुल के कई रिहायशी इलाके भी इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। नालों का पानी ओवरफ्लो होकर सीधे लोगों के घरों, आंगनों और गौशालों में घुस गया। बस्तियों में पानी भरने के कारण कई मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं और घरों के भीतर रखा कीमती सामान, राशन व कपड़े पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। सड़कों पर मलबे और पत्थरों का जमाव होने के कारण क्षेत्र का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है, जिससे राहत कार्यों में भी शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों में इस अचानक आई आफत के बाद से भारी डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।
जैसे ही इस भीषण आपदा की सूचना जिला मुख्यालय तक पहुँची, अनंतनाग का जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। प्रशासन ने बिना कोई समय गंवाए राहत एवं बचाव दलों (SDRF और पुलिस) को प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम शुरू किया गया। इसके साथ ही, राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर भेजकर क्षेत्र में हुए कुल नुकसान का सटीक आकलन (Loss Assessment) करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि राहत प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में एहतियाती कदम भी उठाए हैं। नालों के बहाव को मोड़ने और सड़कों से मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी (JCB) को काम पर लगाया गया है, ताकि यातायात और आवश्यक सेवाओं को बहाल किया जा सके। इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने प्रभावित ग्रामीणों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। दूसरी ओर, भारी तबाही झेल रहे चित्रगुल के स्थानीय ग्रामीणों और किसान संगठनों ने उपराज्यपाल प्रशासन और जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि वे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द विशेष वित्तीय राहत पैकेज और उचित मुआवजे की घोषणा करें, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।