Srinagar श्रीनगर : जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि इस साल जल संकट की स्थिति है। सीएम ने कहा कि वह इस संकट से निपटने के लिए राज्य के जल शक्ति विभाग द्वारा उठाए जाने वाले विभिन्न उपायों की भी समीक्षा कर रहे हैं।
सीएम द्वारा पोस्ट किए गए एक एक्स पोस्ट में लिखा गया है, "जम्मू और कश्मीर में इस साल जल संकट की स्थिति है। यह कोई हालिया घटना नहीं है। दरअसल, यह पिछले कुछ सालों से बन रही है। हालांकि सरकार को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए अधिक सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना होगा, लेकिन यह केवल सरकार केंद्रित दृष्टिकोण नहीं हो सकता।"
उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के लोगों से "पानी को लेकर अपने नजरिए को बदलने" का आग्रह किया और कहा कि वह जल संरक्षण और बचत के लिए अगले कदमों पर विभिन्न घटकों के साथ बात करेंगे।
उन्होंने लिखा, "हम सभी जम्मू-कश्मीर के निवासियों को पानी के प्रति अपने नजरिए को बदलना होगा। मैं जल शक्ति (पीएचई) विभाग द्वारा इस संकट से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा करूंगा और अगले कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर के लोगों से बात करूंगा कि हम सामूहिक रूप से क्या कर सकते हैं।" इससे पहले कल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के सीएम और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ जम्मू-कश्मीर में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन पर समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि इन कानूनों के क्रियान्वयन में केंद्र शासित प्रदेश की भूमिका अच्छी रही है और जहां भी थोड़ी बहुत कमी रही है, उसे दूर किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "गृह मंत्री लगातार देश में लागू किए गए आपराधिक कानूनों और उनका किस हद तक इस्तेमाल किया जा रहा है, इसकी समीक्षा कर रहे हैं। इस संबंध में इस बार जम्मू-कश्मीर की बारी थी। इससे पहले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की समीक्षा की गई थी। इन कानूनों के क्रियान्वयन में काफी हद तक जम्मू-कश्मीर की भूमिका अच्छी रही है।" (एएनआई)