Srinagar श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर सरकार ने कहा है कि वह 'नई मीडिया पॉलिसी, 2026' लाने जा रही है। इसमें ऑनलाइन न्यूज़ मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन के नियम होंगे, साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन और बिना रेगुलेशन वाले डिजिटल और सोशल मीडिया चैनलों के ज़रिए गलत या मनगढ़ंत जानकारी फैलाने पर जवाबदेही तय करने के उपाय भी शामिल होंगे।
सरकार ने यह जानकारी विधायक एस. बशीर अहमद शाह वीरी के एक सवाल के लिखित जवाब में दी। विधायक ने सोशल मीडिया हैंडलर्स के रेगुलेशन और गलत या झूठी जानकारी फैलाने के मुद्दे पर सवाल पूछा था। सूचना विभाग के अनुसार, इस मुद्दे पर पिछले बजट सत्र (2026) में विस्तार से चर्चा हुई थी। तब अलग-अलग राजनीतिक दलों के विधायकों ने बिना रजिस्ट्रेशन और बिना रेगुलेशन वाले डिजिटल/सोशल मीडिया न्यूज़ चैनलों के ज़रिए गलत और झूठी जानकारी फैलाए जाने पर चिंता जताई थी।
विभाग ने कहा कि प्रस्तावित 'नई मीडिया पॉलिसी, 2026' में प्रिंट मीडिया के अलावा ऑनलाइन न्यूज़ मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन के नियम भी होंगे ताकि जवाबदेही तय की जा सके।
KNO की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने आगे कहा कि अली मोहम्मद सागर की अध्यक्षता वाली 'हाउस कमिटी ऑन गवर्नमेंट एश्योरेंस' की 30 जुलाई, 2026 की बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद, सूचना विभाग व्यापक गाइडलाइंस/SOPs तैयार करेगा। सरकार ने कहा कि प्रस्तावित सिस्टम के तहत, अलग-अलग ज़िलों में चल रहे बिना रजिस्ट्रेशन वाले सोशल मीडिया न्यूज़ हैंडल्स की विस्तृत लिस्ट संबंधित ज़िला प्रशासन रखेगा।
सरकार ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए झूठी, गलत या मनगढ़ंत जानकारी फैलाता हुआ पाया जाता है, तो उसके ख़िलाफ़ 'इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000', 'भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023' और 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023' की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
सरकार ने कहा कि नए कानूनों में सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर गलत जानकारी, फ़ेक न्यूज़ और भड़काऊ कंटेंट फैलाने से निपटने के नियम शामिल हैं। इस बीच, J&K के गृह विभाग ने केंद्र शासित प्रदेश में साइबर अपराधों को रोकने, उनका पता लगाने और उनकी जांच करने के प्रयासों में तालमेल बिठाने के लिए J&K के पुलिस महानिदेशक (DGP) की देखरेख और नियंत्रण में एक स्वतंत्र संस्था के तौर पर 'J&K साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (JK4C) बनाया है।
सरकार का यह जवाब ऐसे समय में आया है जब J&K में ऑनलाइन समाचार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के नियमन और जवाबदेही को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। फरवरी 2026 में सरकार की ओर से दिए गए एक जवाब में यह भी कहा गया था कि 'नई मीडिया नीति-2026' के मसौदे के ज़रिए समाचार और सोशल मीडिया के लिए एक नियामक ढांचा प्रस्तावित किया जा रहा है। हालांकि, ताज़ा जवाब में कहा गया है कि सूचना विभाग अब 'जल्द ही' 'नई मीडिया नीति, 2026' जारी करने जा रहा है, जिसमें ऑनलाइन समाचार मीडिया प्लेटफॉर्म के पंजीकरण और नियमन के प्रावधान शामिल होंगे।