Jammu जम्मू। जम्मू-कश्मीर में समान नागरिक संहिता (UCC) और वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतियों और बयानों में स्पष्टता होनी चाहिए। तारिक कर्रा ने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस ने अभी आपस में चर्चा नहीं की है, लेकिन यदि मुख्यमंत्री ऐसा कह रहे हैं तो यह चयनात्मक रुख दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि वह यह प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी के आधार पर दे रहे हैं।
UCC को लेकर जताई असहमति
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर अपनी अलग राय रखती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी UCC का समर्थन नहीं करती। हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर अलग-अलग रुख अपनाने से जनता के बीच भ्रम पैदा हो सकता है और यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के हित में नहीं है।
वंदे मातरम विवाद का किया जिक्र
तारिक कर्रा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ UCC जैसे मुद्दे पर बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर वंदे मातरम को लेकर केंद्र सरकार के आदेशों पर प्रतिक्रिया दी गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में एक स्पष्ट और संतुलित दृष्टिकोण होना जरूरी है।
जम्मू-कश्मीर के हितों का दिया हवाला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक दलों के फैसलों और बयानों का सीधा असर जनता पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतिगत फैसले लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के कल्याण और सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
राजनीतिक बहस तेज
UCC, धार्मिक मुद्दों और केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े विषयों पर जम्मू-कश्मीर में समय-समय पर राजनीतिक बहस होती रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता इन मुद्दों पर अपने-अपने विचार रखते रहे हैं। तारिक कर्रा के बयान के बाद एक बार फिर इन विषयों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल इस मामले पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और चर्चा में रह सकता है।