Drass, द्रास : बहुप्रतीक्षित सरहद शौर्यथॉन 2025 रविवार को ऐतिहासिक कारगिल युद्ध स्मारक, द्रास में शुरू हुआ । देश भर से मैराथन धावक कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए । इस आयोजन को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिन्होंने देशभक्ति के जोश और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें डॉ. मोहम्मद जाफर अखून, अध्यक्ष/सीईसी एलएएचडीसी कारगिल ; लेफ्टिनेंट जनरल रितेश भल्ला, जीओसी 14 कोर; संजय नाहर, सरहद इंटरनेशनल के संस्थापक; तथा अनेक नागरिक एवं सैन्य अधिकारी शामिल थे, जिससे श्रद्धांजलि समारोह और भी अधिक सार्थक हो गया। शौर्यथॉन एकता, वीरता और स्मरण का प्रतीक है, जो कारगिल युद्ध की वीरतापूर्ण विरासत की ओर ध्यान आकर्षित करता है।
इससे पहले, शनिवार को, कार्यक्रम से पहले, शिंदे ने सोनमर्ग और द्रास बाजारों में स्थानीय निवासियों और व्यापार मालिकों के साथ बातचीत की और उन लोगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया जिनकी आजीविका हाल ही में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पर्यटन में गिरावट से प्रभावित हुई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में शिंदे ने 1999 के कारगिल युद्ध पर विचार करते हुए कहा कि हालांकि 26 साल बीत चुके हैं, लेकिन अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर सैनिकों की यादें लोगों के मन में ताजा हैं।
उन्होंने लिखा, "भले ही कारगिल युद्ध को कल 26 साल पूरे हो जाएंगे, लेकिन इस युद्ध की यादें अभी भी हमारे मन में जीवित हैं। इस युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले और मातृभूमि की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों की यादों को इस सरहद शौर्यथॉन के माध्यम से एक अनूठी श्रद्धांजलि दी जाएगी ।"
उन्होंने यह भी बताया कि वह युद्ध के शहीदों को सम्मानित करने के लिए द्रास में आयोजित समारोह में शामिल होंगे ।
शिंदे ने कहा, "मैं भारतीय सेना, सरहद फाउंडेशन, पुणे और अरहम फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस सरहद शौर्यथन को हरी झंडी दिखाने के लिए द्रास में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होऊंगा । मैं उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करने और एक भारतीय नागरिक के रूप में अपना कर्तव्य निभाने के लिए इस समारोह में भाग ले रहा हूं। अपने प्राणों की आहुति देने वालों और मातृभूमि की रक्षा करने वालों की यादों को इस सरहद शौर्यथन के माध्यम से एक अनूठी श्रद्धांजलि दी जाएगी ।"
यह कार्यक्रम भारतीय सेना द्वारा सरहद फाउंडेशन, पुणे और अरहम फाउंडेशन के सहयोग से ज़ोजी ला युद्ध की प्लेटिनम जयंती और ऑपरेशन विजय की रजत जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है।