Jammu.जम्मू: स्थानीय नेताओं कर्रा और भल्ला ने आरएस पुरा में आयोजित राजनीतिक रैली का नेतृत्व किया। रैली में उन्होंने भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। रैली में बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे और उन्होंने महिला अधिकारों और आरक्षण के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया।
कर्रा ने कहा कि महिला आरक्षण केवल राजनीतिक लाभ के लिए भाजपा द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि वास्तविक लाभ महिलाओं तक नहीं पहुँच रहा। उन्होंने कहा, “महिलाओं के लिए आरक्षण केवल कागजों में नहीं, बल्कि सच्चे प्रतिनिधित्व और अवसर में दिखना चाहिए। यदि सरकार केवल राजनीति करती है, तो इसका फायदा समाज को नहीं मिलेगा।”
भल्ला ने भी भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों में महिला आरक्षण के मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए जागरूक हो रही हैं और उन्हें सच्चे नेतृत्व और नीति समर्थन की आवश्यकता है।
रैली में उपस्थित लोगों ने कर्रा और भल्ला के भाषणों का समर्थन किया। स्थानीय महिला नेताओं ने भी कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने में राजनीतिक दलों की देरी महिलाओं के प्रतिनिधित्व और निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की रैलियाँ लोकप्रिय समर्थन जुटाने और महिला मुद्दों को मुख्यधारा में लाने का तरीका होती हैं। कर्रा और भल्ला ने अपने भाषण में महिला अधिकारों के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी प्रकाश डाला।
रैली में भाषणों के दौरान संदेश दिया गया कि महिला आरक्षण केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। कर्रा और भल्ला ने समर्थकों से अपील की कि वे महिला आरक्षण को लेकर जागरूक रहें और सरकार पर दबाव बनाएं कि इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाए जाएं।
इस अवसर पर रैली में महिला और पुरुष दोनों की उपस्थिति रही। नेताओं ने कहा कि महिला आरक्षण का लाभ महिलाओं तक वास्तविक रूप में पहुंचना चाहिए, न कि केवल चुनावी राजनीति का हिस्सा बनकर रह जाए।
इस प्रकार, आरएस पुरा की यह रैली महिला आरक्षण और राजनीतिक जवाबदेही के मुद्दे पर केंद्रित रही। कर्रा और भल्ला ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं के अधिकार और प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर राजनीति नहीं, बल्कि सच्ची नीति और कार्यवाही होनी चाहिए।