Reasi: डीडीसी ने जलापूर्ति और अमृत 2.0 परियोजनाओं का लिया जायजा

Update: 2026-05-04 09:59 GMT

Jammu.जम्मू: जिला विकास कॉर्डिनेटर (DDC) रियासी ने हाल ही में जिले में चल रही जलापूर्ति योजनाओं का निरीक्षण किया और अमृत 2.0 (Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation) परियोजनाओं के प्रगति कार्यों की समीक्षा की। इस मौके पर अधिकारियों और तकनीकी टीमों के साथ बैठक कर परियोजनाओं की स्थिति और सुधार के उपायों पर चर्चा की गई।

डीडीसी ने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाइपलाइन, पंपिंग स्टेशनों और जलाशयों की नियमित जांच की जाए ताकि किसी भी प्रकार की समस्या समय पर हल हो सके। डीडीसी ने कहा कि “जलापूर्ति परियोजनाओं में देरी या लापरवाही जनता की सुविधा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, इसलिए सतर्कता आवश्यक है।”
अमृत 2.0 परियोजनाओं के संदर्भ में डीडीसी ने कहा कि यह योजना शहरों और कस्बों के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कें, जल निकासी, पार्क और शहरी सुविधाओं के निर्माण और रखरखाव के काम समय पर पूरे किए जाएं। डीडीसी ने कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डीडीसी को परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, बजट खर्च और समय सीमा से संबंधित जानकारी दी। डीडीसी ने तकनीकी टीम को सुझाव दिए कि कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए नियमित रिपोर्टिंग और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों ने कहा कि डीडीसी के सक्रिय निरीक्षण से प्रशासन और अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ती है और इससे परियोजनाओं के समय पर पूरा होने की संभावना मजबूत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि अमृत 2.0 और जलापूर्ति योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से जीवन स्तर में सुधार आएगा।
डीडीसी ने अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे योजना के उद्देश्यों के प्रति गंभीर रहें और किसी भी लापरवाही या विलंब को गंभीरता से देखें। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा और सुविधाओं की उपलब्धता प्राथमिकता होनी चाहिए।
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