बहुधार्मिक नेताओं और बॉलीवुड कलाकारों ने दी “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का संदेश
Jammu जम्मू: राष्ट्रीय एकता दिवस की पूर्व संध्या पर पहलगाम की धरती से देश को एकता और साम्प्रदायिक सौहार्द्र का संदेश दिया गया। यहां भारतीय अल्पसंख्यक महासंघ (Indian Minorities Federation) द्वारा आयोजित “यूनिटी मार्च” में देशभर से आए विभिन्न धर्मों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बॉलीवुड कलाकारों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य था — भारत की विविधता में एकता और राष्ट्रीय एकजुटता की भावना को मजबूत करना। कार्यक्रम में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और बौद्ध समुदायों के धार्मिक नेताओं ने एक साथ मंच साझा किया और “भारत एक है, अविभाज्य है” का संकल्प दोहराया। मार्च में विशेष आकर्षण रहे बॉलीवुड अभिनेता मुकेश ऋषि और प्रीति सप्रू, जिन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “कश्मीर की यह भूमि हमेशा प्रेम, भाईचारे और बलिदान की प्रतीक रही है। आज हम सब मिलकर यह संदेश दे रहे हैं कि कोई भी ताकत भारत की एकता को तोड़ नहीं सकती।”
कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ‘बलिदान स्तंभ’ (Balidaan Stambh) पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर बहुधार्मिक प्रार्थनाएं (Multifaith Prayers) की गईं, जिसमें सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने भारत की शांति, समृद्धि और एकता की कामना की। एक हृदयस्पर्शी दृश्य तब देखने को मिला जब कश्मीरी महिलाओं और बालिकाओं ने भारतीय सेना के जवानों की कलाई पर ‘रक्षा सूत्र’ (Raksha Sutra) बांधा — यह कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के कारण ही कश्मीर में शांति और सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने यह भी कहा कि कश्मीर की जनता हमेशा से भारत की अखंडता के पक्ष में रही है और इस तरह के आयोजन यह साबित करते हैं कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।
भारतीय अल्पसंख्यक महासंघ के आयोजकों ने कहा कि इस “Unity March” का मकसद यह बताना है कि चाहे धर्म, भाषा या संस्कृति कुछ भी हो, भारत के लोग एक सूत्र में बंधे हैं। पहलगाम के स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया और बड़ी संख्या में इस रैली में शामिल हुए। माहौल में “जय हिंद, भारत माता की जय” और “एकता ज़िंदाबाद” के नारे गूंजते रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि भारत की एकता, अखंडता और भाईचारे को किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं पड़ने देंगे।