कुलगाम हमले पर महबूबा का सवाल, सुरक्षा चूक की जांच की मांग

Update: 2026-08-01 09:48 GMT

श्रीनगर/जम्मू-कश्मीर: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की हत्या सुरक्षा में चूक का नतीजा हो सकती है और इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए।

महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि घाटी में ऐसी घटनाओं का सिलसिला रुकना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारी सुरक्षा मौजूदगी के बावजूद अगर आम और निहत्थे लोगों को निशाना बनाया जा रहा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती है, जिससे स्थानीय लोगों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद अगर आतंकी हमले हो रहे हैं तो सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी नजर में इस घटना में कहीं न कहीं सुरक्षा में चूक हुई है। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि आखिर इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आतंकवादी कैसे हमला करने में सफल रहे।

उन्होंने उपराज्यकुलगाम आतंकी हमले पर महबूबा मुफ्ती का सवाल, कहा- सुरक्षा में चूक की जांच होनी चाहिए

पाल प्रशासन से मामले की जांच करने की मांग की। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी उपराज्यपाल प्रशासन के पास है।

महबूबा ने सवाल उठाया कि अमरनाथ यात्रा को देखते हुए घाटी में बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी है। इसके बावजूद कुलगाम जैसे इलाके में आतंकी कैसे पहुंच गए और दो निहत्थे लोगों की हत्या कर दी।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह पता लगाना चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्था में कमी कहां रह गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

कुलगाम हमले में दो मजदूरों की मौत

गौरतलब है कि शुक्रवार को कुलगाम जिले में आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया था। हमले में दोनों मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई है।

सुरक्षा एजेंसियां हमले से जुड़े सुराग जुटाने में लगी हैं। घटनास्थल के आसपास तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और आतंकियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस घटना के बाद राजनीतिक दलों ने इसकी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा

महबूबा मुफ्ती ने विशेष रूप से अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजामों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटना होना कई सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी का उद्देश्य आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे में यह जरूरी है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कमी को दूर किया जाए।

उन्होंने कहा कि केवल सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि खुफिया तंत्र और जमीनी स्तर पर निगरानी को भी मजबूत करना होगा।

प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता

कुलगाम हमले के बाद घाटी में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जम्मू-कश्मीर में देश के अलग-अलग राज्यों से आए हजारों मजदूर विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में भी आतंकियों द्वारा प्रवासी मजदूरों और आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

जांच और कार्रवाई की मांग

PDP अध्यक्ष ने कहा कि कुलगाम हमले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच के जरिए यह सामने आना चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां कमी रह गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

उन्होंने सरकार से अपील की कि वह घटना को गंभीरता से ले और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे।

कुलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। प्रशासन की ओर से इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई है और आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। वहीं, राजनीतिक स्तर पर भी इस घटना को लेकर बयानबाजी जारी है।

इस हमले ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा चुनौतियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।

Tags:    

Similar News