जम्मू : पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी), लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने मंगलवार को कहा कि अगर पाकिस्तान भारत में आतंकवादी हमले जारी रखता है, तो "घातक" ऑपरेशन सिंदूर 2.0 का इस्तेमाल किया जाएगा। जम्मू में पत्रकारों से बात करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा कि अगली बार भारत की प्रतिक्रिया ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नष्ट किए गए एयरबेस और सैन्य चौकियों की संख्या से भी अधिक होगी।
उन्होंने कहा, "जब तक पाकिस्तान की सोच नहीं बदलती, वह अपनी हरकतें जारी रखेगा। ऑपरेशन सिंदूर में हमने उसके एयरबेस और चौकियाँ तबाह कर दी हैं, लेकिन वह फिर से ऐसी कोशिश कर सकता है। इस बार हम जो भी कार्रवाई करेंगे, वह पिछली बार से ज़्यादा होगी... ऑपरेशन सिंदूर 2.0 और भी ज़्यादा घातक होगा।" ऑपरेशन सिंदूर 7 मई, 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इस ऑपरेशन की परिकल्पना नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार और पाकिस्तान के अंदर आतंकी ढाँचे को ध्वस्त करने के लिए एक दंडात्मक और लक्षित अभियान के रूप में की गई थी ।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बहु-एजेंसी खुफिया जानकारी से इस बात की पुष्टि हुई है कि इस अभियान में अंततः नौ प्रमुख शिविरों को निशाना बनाया गया। इससे पहले आज लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार ने ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। 1965 के भारत -पाकिस्तान युद्ध के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित पूर्व सैनिक रैली को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर प्रशासन, पूर्व सैनिकों और स्थानीय लोगों के सहयोग के कारण सफल रहा।
उन्होंने कहा, "पहलगाम हमले में आतंकवादियों ने हमारे निर्दोष लोगों को मार डाला। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया । ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा क्योंकि हमें प्रशासन, पूर्व सैनिकों और स्थानीय लोगों का समर्थन मिला।" उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि भारतीय सेना पड़ोसी देश के भविष्य के हमलों को विफल करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, " पाकिस्तान हम पर फिर से हमला करने की कोशिश करेगा; वे हमेशा पहलगाम जैसा हमला करने की कोशिश करते हैं, और हमें सतर्क रहना होगा। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि भारतीय सेना पाकिस्तान के किसी भी नापाक मंसूबे को विफल करने के लिए तैयार है ।" 1965 के युद्ध को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की हार का कारण यह था कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों की देशभक्ति को कम करके आंका ।
लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार ने कहा, "हमने 1965 के युद्ध में पाकिस्तान को हराकर देश की जनता का विश्वास जीता था और वह विश्वास आज भी कायम है। पाकिस्तान का मकसद जम्मू-कश्मीर पर कब्जा करना था। पाकिस्तानी सेना द्वारा प्रशिक्षित करीब 10,000 रजाकारों ने घुसपैठ की थी । लेकिन वे जम्मू-कश्मीर की जनता की देशभक्ति को आंकने में गलती कर बैठे । जनता की मदद से भारतीय सेना ने उन्हें खदेड़ दिया।" 1965 के भारत-पाक युद्ध को समाप्त करने वाले युद्धविराम की 60वीं वर्षगांठ 23 सितंबर, 2025 को मनाई जाएगी।