Jammu and Kashmir जम्मू-कश्मीर बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी तरुण चुघ ने मंगलवार को जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत में पूर्व मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला की भूमिका पर सवाल उठाए। चुघ ने कहा कि मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान, झंडे और राजनीतिक व्यवस्था के विचार का विरोध किया था, जिसे शेख अब्दुल्ला अनुच्छेद 370 के तहत लागू करना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि मुखर्जी की मौत की स्वतंत्र जांच न होना एक ऐसी साजिश की ओर इशारा करता है, जो उनके अनुसार आज तक अनसुलझी है। चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों के साथ पूरी तरह से जोड़ने के लिए अनुच्छेद 370 को हटाने समेत कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने अब्दुल्ला परिवार की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों को आर्थिक तरक्की और विकास के मौकों से वंचित रखा। बीजेपी नेता मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद बोल रहे थे।
बिना परमिट के जम्मू-कश्मीर में घुसने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद, 23 जून 1953 को श्रीनगर की जेल में रहस्यमय परिस्थितियों में मुखर्जी की मौत हो गई थी। उन्होंने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, और अनुच्छेद 370 को हटाना तथा जम्मू-कश्मीर का भारत में पूरी तरह विलय करना पार्टी के मुख्य उद्देश्यों में शामिल था।