JAMMU.जम्मू: लोक भवन, जम्मू-कश्मीर में आज हिमाचल प्रदेश स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों राज्यों की सांस्कृतिक एकता और पारस्परिक सौहार्द का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, सांस्कृतिक प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य लोगों ने भाग लिया। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और हिमाचल प्रदेश के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालने के साथ हुई। इस दौरान हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और विकास यात्रा को याद किया गया।
अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और शांतिप्रिय समाज के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विभिन्न राज्यों के बीच आपसी समझ और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में पारंपरिक लोक नृत्य और संगीत प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। कलाकारों ने हिमाचल की लोक संस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया, जिससे उपस्थित दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक झलक भी कार्यक्रम में देखने को मिली, जिससे दोनों राज्यों की सांस्कृतिक एकता का संदेश और मजबूत हुआ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में निहित एकता है। ऐसे आयोजन विभिन्न राज्यों की परंपराओं को समझने और सम्मान देने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें।
लोक भवन प्रशासन ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों और कलाकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि राज्यों के बीच संबंध और मजबूत हो सकें।
कार्यक्रम के अंत में हिमाचल प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी गईं और दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग और भाईचारे को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
इस प्रकार लोक भवन, जम्मू-कश्मीर में आयोजित यह समारोह न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि इसने भारत की एकता, विविधता और सांस्कृतिक समरसता का सुंदर संदेश भी दिया।