जम्मू और कश्मीर

एंटी-करप्शन कोर्ट ने 5 बरी, पूर्व ZEO पर आरोप तय

Ratna Netam
16 April 2026 4:56 PM IST
एंटी-करप्शन कोर्ट ने 5 बरी, पूर्व ZEO पर आरोप तय
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JAMMU.जम्मू: एंटी-करप्शन कोर्ट ने भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में पांच आरोपियों को बरी कर दिया है, जबकि पूर्व ज़ोनल एजुकेशन ऑफिसर (ZEO) और अन्य लाभार्थियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया गया है। यह फैसला कोर्ट में लंबित मामले की सुनवाई के बाद आया, जिसमें सरकारी अधिकारियों और लाभार्थियों पर भ्रष्टाचार और गलत तरीके से लाभ प्राप्त करने के आरोप लगाए गए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विस्तृत जाँच और सबूतों की समीक्षा की। कोर्ट ने पाया कि पांच आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे और उन्हें निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। वहीं, पूर्व ZEO और अन्य लाभार्थियों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्णय लिया गया, जिससे यह मामला आगे की सुनवाई के लिए कोर्ट में सुरक्षित रहेगा।
एंटी-करप्शन कोर्ट के अनुसार, आरोप तय करना और मुकदमा चलाना न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिससे दोषियों की पहचान और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्दोषों को राहत मिलना न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता को दर्शाता है।
पूर्व ZEO पर आरोप था कि उन्होंने अपनी पदवी का दुरुपयोग करके कुछ व्यक्तियों को अनुचित लाभ दिलाया। वहीं, लाभार्थियों पर यह आरोप था कि उन्होंने सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर लाभ प्राप्त किया। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मामलों में सबूतों का प्रमाणिक होना बेहद महत्वपूर्ण है।
वकीलों ने कहा कि कोर्ट का यह फैसला न्यायसंगत है क्योंकि यह निर्दोषों को राहत देता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की राह खोलता है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोप तय करने का आदेश अगले चरण में सुनवाई के लिए निर्णायक होगा और इसके बाद ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
स्थानीय लोग इस फैसले को सकारात्मक कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सही ढंग से पालन होना आवश्यक है। इससे भविष्य में सरकारी अधिकारियों और लाभार्थियों दोनों के लिए स्पष्ट संदेश जाएगा कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एंटी-करप्शन विभाग ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि वे आरोप तय करने के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे। विभाग ने आश्वासन दिया कि मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से जांच जारी रहेगी।
इस प्रकार, जम्मू की एंटी-करप्शन कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि न्यायिक प्रक्रिया में दोषियों और निर्दोषों के बीच अंतर स्पष्ट होना चाहिए। पांच लोगों की बरी और पूर्व ZEO तथा लाभार्थियों पर आरोप तय करने का फैसला राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों पर नजर रखने और कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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