Jammu.जम्मू: जम्मू-कश्मीर में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। यह जानकारी कृषि से जुड़े वरिष्ठ नेता जाविद डार ने दी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती-बाड़ी को आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
जाविद डार ने कहा कि कृषि क्षेत्र जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और इसे सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं और नीतियों को लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सुविधाएँ और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और तकनीकी सहायता दी जा रही है। जाविद डार ने बताया कि कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष पहल की जा रही है।
इसके अलावा, सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए भी कई परियोजनाएँ शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से खेती में उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को अधिक लाभ मिलेगा।
जाविद डार ने यह भी बताया कि सरकार कृषि से जुड़े अन्य क्षेत्रों जैसे बागवानी, डेयरी और पशुपालन को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन किया गया, तो जम्मू-कश्मीर का कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू सकता है। उन्होंने बताया कि किसानों को तकनीकी और वित्तीय सहायता देने से उत्पादन क्षमता और आय दोनों में सुधार होगा।
स्थानीय किसानों ने सरकार की इन पहलों का स्वागत किया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इन योजनाओं का लाभ उन्हें जल्द मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार का सहयोग इसी तरह जारी रहा, तो खेती-बाड़ी को एक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, जाविद डार के अनुसार सरकार द्वारा उठाए गए कदम जम्मू-कश्मीर में खेती-बाड़ी के विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। यह पहल न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूत करेगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।