Jammu.जम्मू: FOIJ ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और समर्थन की मांग की है। संगठन का कहना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ती लागत और बाजार में अस्थिरता के कारण छोटे और मध्यम उद्योग गंभीर दबाव में हैं।
FOIJ के प्रतिनिधियों ने कहा कि MSME सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और यह बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में इस क्षेत्र को मजबूत और सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
संगठन ने चिंता जताई कि कच्चे माल की कीमतों में लगातार वृद्धि, ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी और क्रेडिट उपलब्धता की समस्याओं के कारण कई छोटे उद्योगों को संचालन में कठिनाई हो रही है। इसके अलावा, प्रतिस्पर्धा और डिजिटल बदलावों के दबाव ने भी छोटे उद्यमों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
FOIJ ने सरकार से मांग की है कि MSME सेक्टर के लिए विशेष राहत पैकेज, आसान ऋण सुविधा और करों में राहत जैसे कदम उठाए जाएं। संगठन का कहना है कि यदि समय पर समर्थन नहीं मिला, तो कई छोटे उद्योग बंद होने की स्थिति में आ सकते हैं, जिससे रोजगार पर भी गंभीर असर पड़ेगा।
प्रतिनिधियों ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को छोटे उद्योगों के लिए एक स्थायी नीति ढांचा तैयार करना चाहिए, जिससे उन्हें दीर्घकालिक सुरक्षा मिल सके। साथ ही, तकनीकी उन्नयन और डिजिटल प्रशिक्षण के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए ताकि MSME सेक्टर प्रतिस्पर्धी बना रह सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि MSME क्षेत्र देश की आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण आधार है और इसमें किसी भी तरह की गिरावट का सीधा असर रोजगार और उत्पादन दोनों पर पड़ सकता है।
FOIJ ने यह भी कहा कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और आपूर्ति श्रृंखला में हो रहे बदलावों के कारण छोटे उद्योगों को और अधिक समर्थन की आवश्यकता है।
संगठन ने सरकार से अपील की है कि वह उद्योग जगत के साथ नियमित संवाद बनाए रखे और उनकी समस्याओं को नीति निर्माण में शामिल करे।
कुल मिलाकर, FOIJ की यह मांग MSME सेक्टर की मौजूदा चुनौतियों को उजागर करती है और यह संकेत देती है कि यदि समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इसका व्यापक असर देश की आर्थिक संरचना पर पड़ सकता है।