डोडा। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार को उस समय सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया, जब रामतुंड चोटी पर चार संदिग्ध आतंकवादियों के चढ़ने का कथित वीडियो सामने आया। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू कर दिया है। सुरक्षाबल संदिग्धों का पता लगाने के लिए घने जंगलों, पहाड़ी चोटियों और संभावित आवाजाही वाले रास्तों की तलाशी ले रहे हैं।
रामतुंड क्षेत्र उधमपुर जिले की सेओज धार बेल्ट के नजदीक स्थित है। यह इलाका बेहद दुर्गम, पहाड़ी और घने जंगलों से घिरा हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से इस पूरे क्षेत्र को संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां किसी संदिग्ध समूह की गतिविधियों का पता लगाना सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने बनाया संदिग्धों का वीडियो
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कुछ स्थानीय लोगों ने संदिग्ध समूह को पहाड़ी क्षेत्र में जाते हुए देखा और उसका वीडियो रिकॉर्ड किया। यह फुटेज सोमवार देर दोपहर सुरक्षा बलों तक पहुंचा। वीडियो की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया और संदिग्धों की तलाश के लिए तत्काल अभियान शुरू किया।
अधिकारियों के अनुसार, वीडियो में चार संदिग्ध व्यक्तियों को रामतुंड चोटी की ओर चढ़ते हुए देखा गया है। उनकी पहचान और उनकी वास्तविक गतिविधियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सुरक्षा बल वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने और यह पता लगाने में जुटे हैं कि वे इलाके में किस उद्देश्य से पहुंचे थे।
जंगल और पहाड़ी इलाकों में तलाशी अभियान
संदिग्धों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने रामतुंड और उसके आसपास के इलाकों में तलाशी तेज कर दी है। जवान जंगलों के भीतर संभावित ठिकानों, पहाड़ी रास्तों और चोटियों की जांच कर रहे हैं।
दुर्गम इलाका होने के कारण अभियान में विशेष सावधानी बरती जा रही है। घने जंगलों और ऊंची पहाड़ियों के बीच तलाशी अभियान चलाना सामान्य मैदानी इलाकों की तुलना में अधिक कठिन होता है। सुरक्षा बल संभावित आवाजाही वाले मार्गों को भी खंगाल रहे हैं, ताकि संदिग्ध समूह के किसी दूसरे इलाके की ओर बढ़ने की स्थिति में उसे ट्रैक किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान का उद्देश्य संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाना और इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
रणनीतिक रूप से संवेदनशील है सेओज धार बेल्ट
रामतुंड इलाका उधमपुर जिले की सेओज धार बेल्ट के आसपास पड़ता है। यह पूरा क्षेत्र पहाड़ी और वन क्षेत्र से घिरा है तथा आसपास के कई पहाड़ी इलाकों से जुड़ा हुआ है। भौगोलिक रूप से यह कनेक्टिविटी सुरक्षा के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण बनाती है।
दुर्गम जंगलों के कारण इस क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, अतीत में इस तरह के पहाड़ी और वन क्षेत्रों का इस्तेमाल आतंकवादी समूहों द्वारा आवाजाही या छिपने के लिए किए जाने की आशंका जताई जाती रही है।
इसी वजह से वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा बलों ने किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया और बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
कई दिशाओं में बढ़ाई गई निगरानी
सुरक्षा अभियान के दौरान केवल रामतुंड चोटी तक सीमित रहने के बजाय आसपास के जंगलों और पहाड़ी मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा बल इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वीडियो में नजर आने वाला समूह किस दिशा से आया था और उसके आगे बढ़ने की संभावित दिशा क्या हो सकती है।
संभावित रास्तों और संपर्क क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने का उद्देश्य संदिग्धों की आवाजाही पर नजर रखना है। सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में व्यापक तलाशी के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
स्थानीय लोगों की भूमिका अहम
इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय लोगों द्वारा संदिग्ध गतिविधि को रिकॉर्ड कर सुरक्षा बलों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों की सतर्कता सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों के बारे में शुरुआती जानकारी उपलब्ध कराने में मदद कर सकती है।
अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर अभियान शुरू किया है। सुरक्षा बल अब वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और उनकी गतिविधियों के बारे में अधिक जानकारी जुटाने में लगे हैं।
फिलहाल पहचान की पुष्टि नहीं
अधिकारियों ने अभी तक वीडियो में दिखाई दे रहे चारों लोगों को आतंकवादी होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उन्हें फिलहाल संदिग्ध माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां वीडियो की जांच करने के साथ-साथ इलाके में मिले संभावित सुरागों के आधार पर आगे बढ़ रही हैं।
यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्धों के पास किसी तरह के हथियार या अन्य सामान थे या नहीं और वे किस दिशा से इस इलाके में पहुंचे।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटना के बाद डोडा और आसपास के संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सुरक्षा बल किसी भी संभावित घुसपैठ या संदिग्ध गतिविधि की आशंका को देखते हुए इलाके में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।
रामतुंड जैसे दुर्गम इलाकों में अभियान लंबे समय तक चल सकता है, क्योंकि घने जंगल और पहाड़ी भूभाग में हर संभावित ठिकाने की जांच करने में समय लगता है। सुरक्षा एजेंसियां अभियान के दौरान स्थानीय परिस्थितियों और इलाके की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही हैं।
फिलहाल सुरक्षा बलों का मुख्य उद्देश्य वीडियो में दिखाई दे रहे संदिग्ध समूह का पता लगाना और इलाके में उनकी संभावित गतिविधियों की जानकारी जुटाना है। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संदिग्धों की पहचान और उनके मकसद को लेकर स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।