श्रीनगर एयरपोर्ट पर आपातकालीन रेस्क्यू मॉक ड्रिल, सुरक्षा तैयारियों का किया जायजा

Update: 2025-10-15 16:38 GMT
Srinagar श्रीनगर। श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा प्रशासन ने आज मॉक ड्रिल आयोजित की, जिसका उद्देश्य हवाईअड्डे पर किसी आकस्मिक स्थिति या आपातकाल में सुरक्षा और बचाव संचालन की तैयारियों का परीक्षण करना था। इस अभ्यास में एयरपोर्ट के सभी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन विभागों की भागीदारी रही। श्रीनगर एयरपोर्ट के निदेशक जावेद अंजुम ने बताया, “हमने आज यह मॉक ड्रिल आयोजित की। यह हमारे नियमित प्रयासों का हिस्सा है। भगवान न करे, यदि कभी कोई घटना होती है तो हमें सभी उपकरण और संसाधनों के साथ तैयार रहना चाहिए।” उन्होंने कहा कि यह अभ्यास एयरपोर्ट कर्मचारियों और सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल प्रतिक्रिया देने और बचाव कार्यों का समन्वय सुनिश्चित करने में मदद करता है।
मॉक ड्रिल में CISF, NDRF, एयरपोर्ट अग्निशमन दल और अन्य आपातकालीन सेवाएं शामिल थीं। अभ्यास के दौरान विभिन्न संभावित आपात स्थितियों, जैसे विमान दुर्घटना, आग, या यात्रियों के अचानक घायल होने की स्थितियों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि घायल यात्रियों का नकल करके उनकी त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की गई और हवाईअड्डे की आपातकालीन निकासी प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य न केवल सुरक्षा और बचाव टीमों की तत्परता को परखना था, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी था कि वास्तविक संकट के समय संचालन तेज और व्यवस्थित हो। जावेद अंजुम ने बताया कि ड्रिल के दौरान सभी सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन संसाधनों की कार्यक्षमता का भी परीक्षण किया गया।
एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा कि यह अभ्यास नियमित अंतराल पर आयोजित किया जाता है, ताकि कर्मचारियों और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी हमेशा उच्च स्तर पर बनी रहे। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हवाईअड्डे की प्राथमिक जिम्मेदारी है और मॉक ड्रिल इसके लिए महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अभ्यास सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने, आपातकालीन टीमों के बीच तालमेल बढ़ाने और यात्रियों के विश्वास को बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा, यह अभ्यास एयरपोर्ट स्टाफ को वास्तविक परिस्थितियों में दबाव में भी शांत और प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता देता है।
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