श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में सर्दियों के मौसम के लिए सरकारी कामकाज श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित करने की ‘दरबार मूव’ प्रक्रिया शुरू हो रही है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सप्ताह में पांच दिन काम करने वाले संबंधित कार्यालय शुक्रवार, 30 अक्टूबर को कार्यालय समय समाप्त होने के बाद श्रीनगर में बंद होंगे। छह दिन काम करने वाले दफ्तर शनिवार, 31 अक्टूबर को बंद होंगे। स्थानांतरित होने वाले कार्यालय सोमवार, 2 नवंबर से जम्मू में कामकाज शुरू करेंगे। श्रीनगर में सीमित कर्मचारियों के साथ विंटर सचिवालय कार्य करता रहेगा। 
सामान्य प्रशासन विभाग ने शीतकालीन सत्र 2026-27 के लिए यह व्यवस्था की है। विभाग की आधिकारिक सूची में 19 अक्टूबर का आदेश संख्या 1664-JK(GAD) दर्ज है, जो श्रीनगर से जम्मू के वार्षिक दरबार मूव से संबंधित है। इसके तहत निर्धारित कार्यालयों और कर्मचारियों का स्थानांतरण होगा। इस प्रक्रिया का अर्थ प्रशासनिक मुख्यालय के मौसमी संचालन में बदलाव है; सभी कार्यालय एक ही दिन श्रीनगर से बंद होकर जम्मू नहीं पहुंचेंगे। 
दरबार मूव जम्मू-कश्मीर की लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुरानी प्रशासनिक परंपरा है। इसकी शुरुआत डोगरा शासकों के समय हुई थी। व्यवस्था के अनुसार, गर्मियों में प्रमुख सरकारी कार्यालय श्रीनगर और सर्दियों में जम्मू से काम करते हैं। मौसम और प्रशासनिक जरूरतों से जुड़ी इस प्रक्रिया में मुख्यमंत्री कार्यालय, मंत्रियों के कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों का कामकाज भी मौसमी आधार पर स्थानांतरित होता रहा है।
इस बार कार्यालयों को दो श्रेणियों में स्थानांतरित किया जाएगा। कुछ दफ्तर पूर्ण रूप से जम्मू जाएंगे, जबकि अन्य ‘कैंप मोड’ में सीमित कर्मचारियों के साथ संचालित होंगे। कैंप मोड वाले कार्यालयों के लिए सामान्य व्यवस्था के तहत कुल कर्मचारी संख्या का 33 प्रतिशत या 10 कर्मचारी, जो भी कम हो, साथ ले जाने का प्रावधान है। जहां आदेश में अलग निर्देश दिए गए हैं, वहां संबंधित व्यवस्था लागू होगी। 
कर्मचारियों की यात्रा 31 अक्टूबर और एक नवंबर को निर्धारित की गई है। जम्मू-कश्मीर सड़क परिवहन निगम को पर्याप्त संख्या में अच्छी स्थिति वाली बसें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। रास्ते में वाहन खराब होने या अन्य तकनीकी परेशानी से निपटने के लिए काफिलों के साथ क्रेन, अतिरिक्त बसें और मोबाइल वर्कशॉप की व्यवस्था भी रखी जाएगी। इससे कर्मचारियों को निर्धारित समय पर जम्मू पहुंचाने में मदद मिलेगी। 
यात्रा के दौरान पुलिस काफिलों को सुरक्षा उपलब्ध कराएगी। बनिहाल-काजीगुंड सुरंग और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुरंग से गुजरते समय इन वाहनों को प्राथमिकता देने के निर्देश हैं। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सहायता की व्यवस्था करने को कहा गया है। काजीगुंड, बनिहाल, रामसू, रामबन, चिनैनी, उधमपुर और झज्जर कोटली में कर्मचारियों की यात्रा वाले दिनों में सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी है। 
दरबार मूव में शामिल प्रत्येक पात्र कर्मचारी के लिए 25 हजार रुपये का विशेष यात्रा भत्ता निर्धारित किया गया है। तय अवधि में स्थानांतरित नहीं होने वाले कर्मचारी इस भत्ते के पात्र नहीं होंगे। जम्मू में कर्मचारियों की आवासीय कॉलोनियों के आसपास राशन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए उपयुक्त स्थानों पर काउंटर स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। 
जम्मू में आवास की व्यवस्था संपदा विभाग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करेगा। कर्मचारियों को उचित आवंटन आदेश के बिना सरकारी या अन्य संबंधित आवास पर कब्जा करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, निर्धारित शर्तों और विभाग को जानकारी देने के साथ परिवार के वास्तविक उपयोग के लिए श्रीनगर में पहले से आवंटित सरकारी आवास बनाए रखने का प्रावधान बताया गया है।
श्रीनगर में सर्दियों के दौरान प्रशासनिक कामकाज के लिए विंटर सचिवालय बनाया जाएगा। प्रत्येक विभाग से एक राजपत्रित अधिकारी और चार अराजपत्रित कर्मचारी वहां रखे जाएंगे। कर्मचारियों को रोकने के लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। जहां संभव हो, महिला कर्मचारियों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता देने का निर्देश है। 
जम्मू में कार्यालय खुलने के बाद सिविल सचिवालय और उसके परिसर में स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालयों का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक रहेगा। सचिवालय परिसर से बाहर स्थित स्थानांतरित विभागाध्यक्ष कार्यालय, जहां छह दिन कार्य होता है, सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक खुलेंगे। इस तरह दो नवंबर से शीतकालीन व्यवस्था के अनुसार सरकारी कामकाज आगे बढ़ेगा।
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