एनआईटी में सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी पर सजी कार्यशाला, जलवायु परिवर्तन-कार्बन फ्री ऊर्जा पर मंथन
हमीरपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में गुरुवार को एनर्जी रिसर्च सेंटर में सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जलवायु परिवर्तन, कार्बन फ्री उर्जा, जल और स्वच्छता पर तथा सस्टेनेबल सिटी पर इस वर्कशॉप में चर्चा की जा रही है। दो दिवसीय कार्यशाला में देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के पीएचडी स्कॉलर और विषय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस कार्यशाला के दौरान यूनाइटेड नेशन के 2015 में तय किए गए एजेंडा 2030 के 17 बिंदुओं में से चार पर चर्चा मुख्यत: की जा रही है। तय किए गए लक्ष्यों के मुताबिक सभी के लिए सस्ती, भरोसेमंद, टिकाऊ और आधुनिक ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करना और जलवायु परिवर्तन और इसके प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई करना है।
इन 17 दिनों में से चार बिंदुओं पर एनआईटी हमीरपुर की इस वर्कशॉप में विषय विशेषज्ञ और पीएचडी स्कॉलर चर्चा की जा रही है। वर्कशॉप के पहले दिन एनआईटी हमीरपुर के उर्जा अध्ययन केंद्र की एचओडी डाक्टर ममता अवस्थी ने अलगल जैव ईंधन, सौर फोटोवोल्टिक सिस्टम विषय पर अपने विचार रखे। दो दिवसीय कार्यशाला का समापन शुक्रवार को होगा। इस दौरान इंजीनियरिंग से जुड़े देशभर के 50 पीएचडी स्कॉलर वर्कशॉप में हिस्सा ले रहे हैं। एनआईटी हमीरपुर के ऊर्जा अध्ययन केंद्र की एचओडी डा. ममता अवस्थी ने बताया कि इस कार्यशाला में 50 पीएचडी स्कॉलर और विषय विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे।