न्यूज़ क्रेडिट :  divyahimachal.com

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी कृष्णा रेड्डी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन के लिए देश भर में वेस्ट डेस्टीनेशन है। देवभूमि में घूमने के लिए सैलानी हिमाचल आना चाहते हैं। पर्यटन की दृष्टि से हिमाचल काफी अहम राज्य है। हिमाचल के मनाली, धर्मशाला और शिमला जैसे पर्यटक स्थलों को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन को धर्मशाला में करवाने के लिए सुझाव दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल के पर्यटन को बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय विशेष योजना पर काम करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अच्छे तालमेल कर प्रदेश के पर्यटन विकास पर काम किया जाएगा। तीन दिन का अनुभव बेहतर रहा है। आने वाले दिन में हिमाचल का पर्यटन सेक्टर अच्छा काम करेगा निजी क्षेत्र की भागेदारी सुनिश्चित की जाएगी। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए होम स्टे सहित अन्य माध्यमों पर विशेष योजना के तहत काम किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी चर्चा हुई है।

देश के हर राज्य में खुलेंगे केंद्रीय पर्यटन कार्यालय
धर्मशाला – भारत को विश्व की वेस्ट डेस्टीनेशन बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा। केंद्र ने इसके लिए हर राज्य में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के कार्यालय खोलने और अधिकारी तैनात करने का निर्णय लिया है। इस पर अक्तूबर माह में काम शुरू हो जाएगा। देश के विख्यात पर्यटन स्थालों और बड़े होटलों के बाहर तिरंगा स्थापित करने के लिए भी देश भर के मुहिम चलाई जाएगी। तीन दिनों तक धौलाधार की वादियों में पर्यटन विकास को लेकर हुए मंथन का निचोड़ बताते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी कृष्णा रेड्डी ने कहा कि तीन दिनों में पर्यटन विकास को लेकर सभी राज्यों के पर्यटन मंत्रियों एवं प्रतिनिधियों ने कीमती सुझाव दिए हैं। सममेलन में जो मुद्दे उठाए उठाए गए हैं, उन्में आने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भी रखा जाएगा।
विदेशी सैलानियों को करेंगे आकर्षित
धर्मशाला – देश को विश्व पर्यटन पटल पर पहले 10 देशों की सूची में सुधार करने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय आने वाले दिनों में पर्यटन इन्वेस्टर कान्क्लेव की जाएगी। इसके लिए सभी दूतावासों में पर्यटन अधिकारी तैनात करने के अलावा इन्वेस्टर को आकर्षित करने के मेगा प्लान पर काम किया जाएगा। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने सभी राज्यों को ऐसी ही बैठकें अपने राज्य के पर्यटन से जुड़े विभिन्न विभागों के साथ करने और उन्हे पर्यटन विकास की मुहिम मेंं जोडऩे को कहा है, ताकि राज्य में आने वाले देशी व विदेशी सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल पाएं।
देश के 55 शहरों में 200 कार्यक्रम
धर्मशाला – भारत को दिसंबर-जनवरी में प्रस्तावित जी-20 शिखर सम्मेलन से पर्यटन विस्तार के लिए बड़ी उम्मीदें हैं। जी-20 शिखर सम्मेलन के 200 कार्यक्रम देश भर के विभिन्न 55 स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए भी इन सभी शहरों में विशेष योजना पर काम करते हुए इन स्थलों को भारत के ब्रांड एवेस्टर के रूप में तैयार किया जाएगा। जिससे दुनिया में अच्छा संदेश दिया जा सके। देश भर के राज्य मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में जी -20 को लेकर तैयारियां करने और उससे दुनिया में भारत को पर्यटन देश के रूप दिखाने की योजना पर भी चर्चा की गई।
Tags: