हिमाचल में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, मंडी में 111.6 मिमी वर्षा; कई जिलों में अलर्ट
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई हिस्सों में हुई मूसलाधार वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ा है। मंडी में सबसे अधिक 111.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा कांगड़ा में 89, सुंदरनगर में 71, पालमपुर में 46.4 और पांवटा साहिब में 46.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। राजधानी शिमला समेत कई स्थानों पर रविवार सुबह भी भारी बारिश हुई, जिससे मौसम ठंडा हो गया और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश के साथ प्रदेश के कई इलाकों में धुंध भी छाई रही। शिमला, सुंदरनगर और कांगड़ा सहित कई स्थानों पर सुबह के समय धुंध का असर दिखाई दिया। इससे दृश्यता प्रभावित होने की संभावना बनी रही। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और धुंध के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत महसूस हुई। मौसम के इस बदले मिजाज के बीच स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की ओर से कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू और बिलासपुर सहित शिमला के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में मौसम खराब रहने और कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन और संबंधित विभागों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। विशेषकर जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है, वहां स्थानीय स्तर पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। ऐसे में नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी परिस्थितियों को लेकर सतर्कता जरूरी है। हालांकि, 24 अगस्त से प्रदेश में वर्षा की तीव्रता में कमी आने की संभावना जताई गई है। इससे अगले कुछ दिनों में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से संवेदनशील स्थानों पर खतरा बढ़ सकता है। तेज बारिश के दौरान सड़कों पर मलबा आने, फिसलन बढ़ने और छोटे नालों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही आवागमन करने की सलाह दी है। विशेष रूप से पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखने को कहा गया है।
पर्यटकों के लिए भी प्रशासन की ओर से विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हिमाचल में इस समय बड़ी संख्या में पर्यटक विभिन्न पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं। बारिश के दौरान नदी, नालों और जलस्रोतों के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही यात्रा के दौरान मौसम की जानकारी लेते रहने और खराब मौसम में जोखिम वाले मार्गों पर जाने से बचने को कहा गया है।
शिमला में रविवार सुबह हुई बारिश के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला नजर आया। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के साथ धुंध छाने से वातावरण में ठंडक बढ़ी। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शिमला में खराब मौसम के चलते बाहर निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पहाड़ी सड़कों पर बारिश के कारण फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी पड़ रही है।
मंडी में सबसे अधिक 111.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज होना मौसम की तीव्रता को दर्शाता है। कांगड़ा में 89 मिलीमीटर और सुंदरनगर में 71 मिलीमीटर वर्षा हुई। पालमपुर में 46.4 मिलीमीटर तथा पांवटा साहिब में 46.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों के चलते मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
बारिश के बीच प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की आपात स्थिति में प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। नदी-नालों के पास जाने से बचें और मौसम खराब होने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें।
विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है। एक क्षेत्र में सामान्य बारिश होने के बावजूद कुछ किलोमीटर दूर भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है। इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है। खासकर पर्यटकों को अनजान रास्तों, नदी किनारे और जलप्रपातों के आसपास जाने से बचना चाहिए।
फिलहाल प्रदेश में बारिश का दौर जारी है और रविवार को कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है। हालांकि, 24 अगस्त से बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना राहत देने वाली है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी अपडेट लेते रहें और अत्यधिक बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।