शिमला: हिमाचल प्रदेश में स्क्रब टायफस के मामले सामने आने लगे हैं। शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में सोमवार को जांचे गए नौ नमूनों में दो मरीजों में स्क्रब टायफस की पुष्टि हुई है। सात नमूनों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि अब तक अस्पताल में कुल 38 नमूनों की जांच की जा चुकी है। इनमें तीन मरीजों में स्क्रब टायफस की पुष्टि हुई है, जबकि बाकी नमूनों की रिपोर्ट नेगेटिव रही है।

डॉ. राहुल राव ने कहा कि स्क्रब टायफस से बचाव सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि खेतों, झाड़ियों या जंगल वाले क्षेत्रों में जाने के बाद बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं।

उन्होंने कहा कि समय पर जांच और इलाज शुरू होने से स्क्रब टायफस का सफलतापूर्वक उपचार किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण दिखने पर बिना देरी डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।

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