Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: राजकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय धर्मशाला में उत्साह के साथ अंतर महाविद्यालय सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘संस्कृतिक संगम’ का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर आरती वर्मा ने की। नृत्य, संगीत और नाटक से भरपूर इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान किया गया। मेजबान महाविद्यालय के साथ-साथ कांगड़ा जिले के शिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षु शिक्षकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इसमें द्रोणाचार्य स्नातकोत्तर शिक्षण महाविद्यालय रैत,
केएलवी डीएवी गर्ल्स कॉलेज पालमपुर,
मिनर्वा शिक्षण महाविद्यालय इंदौर, ज्ञान ज्योति शिक्षण महाविद्यालय राजोल और शरण महिला शिक्षण महाविद्यालय घुरकड़ी शामिल थे।
एकल गीतों और नृत्यों से लेकर समूह नृत्य और लघु नाटकों तक की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। मेजबान महाविद्यालय के प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत हिमाचली लोक नृत्य (नाटी) और युगल नृत्य विशेष आकर्षण रहे, जिसने उपस्थित लोगों में उत्साह भर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या आरती वर्मा ने अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। समूह नृत्य प्रतियोगिता में राजकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय धर्मशाला के प्रतिभागियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि द्रोणाचार्य स्नातकोत्तर शिक्षण महाविद्यालय रैत ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। महाविद्यालय की प्राचार्या आरती वर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है, साथ ही शिक्षण संस्थाओं में आपसी सहयोग भी बढ़ता है।
Tags: