मनाली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार से हिमाचल प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। बिलासपुर में एम्स के पहले दीक्षा समारोह में भाग लेने के बाद राष्ट्रपति मनाली पहुंचीं, जहां सासे हेलीपैड पर उनका स्वागत किया गया। इस मौके पर सांसद कंगना रनौत समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
राष्ट्रपति के हिमाचल प्रवास को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। मनाली और आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए अलग ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। खास तौर पर अटल टनल रोहतांग क्षेत्र में सुरक्षा को देखते हुए भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 7 अक्टूबर को अटल टनल रोहतांग जाएंगी। इसके साथ ही उनका माता हिडिंबा मंदिर में दर्शन का भी कार्यक्रम है। राष्ट्रपति के इन कार्यक्रमों को देखते हुए मनाली प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है।
अटल टनल रोहतांग हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण रणनीतिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान सुरक्षा कारणों से आज शाम से लेकर 7 अक्टूबर की दोपहर बाद तक भारी वाहनों के लिए टनल को बंद रखा जाएगा।
इस दौरान केवल आवश्यक और अनुमति प्राप्त वाहनों को ही निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आगे बढ़ने दिया जा सकता है। प्रशासन की ओर से वाहन चालकों से वैकल्पिक व्यवस्था और यातायात निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मनाली में भी राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान कड़ा ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। राष्ट्रपति के काफिले के आने-जाने वाले मार्गों पर कुछ समय के लिए यातायात रोका जा सकता है।
प्रशासन की कोशिश है कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय लोगों और पर्यटकों को कम से कम परेशानी हो। इसके लिए पुलिस और यातायात विभाग के अधिकारी अलग-अलग स्थानों पर तैनात किए गए हैं।
राष्ट्रपति इससे पहले बिलासपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने एम्स के पहले दीक्षा समारोह में भाग लिया। यह संस्थान के लिए ऐतिहासिक अवसर रहा। पहले बैच के विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई और राष्ट्रपति ने चिकित्सा सेवा में जिम्मेदारी तथा मानवीय दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया।
बिलासपुर का कार्यक्रम पूरा करने के बाद राष्ट्रपति मनाली के लिए रवाना हुईं। सासे हेलीपैड पर उनके आगमन के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
सांसद कंगना रनौत ने हेलीपैड पर राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर मनाली में प्रशासन कई दिनों से तैयारियों में जुटा था।
मनाली में राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रमुख मार्गों की जांच, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और यातायात नियंत्रण की तैयारी पहले ही की जा चुकी थी।
7 अक्टूबर को प्रस्तावित अटल टनल यात्रा को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। टनल के दोनों ओर पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहने से मालवाहक वाहनों और व्यावसायिक परिवहन पर असर पड़ सकता है। वाहन चालकों को यात्रा का समय ध्यान में रखकर आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।
राष्ट्रपति का माता हिडिंबा मंदिर जाने का कार्यक्रम भी विशेष महत्व रखता है। मनाली का यह प्राचीन मंदिर धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से प्रसिद्ध है। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
राष्ट्रपति के काफिले की आवाजाही के समय स्थानीय मार्गों पर भी यातायात कुछ समय के लिए नियंत्रित किया जा सकता है। प्रशासन की ओर से लोगों से सहयोग की अपील की गई है।
पर्यटन सीजन में मनाली में पहले से ही वाहनों की बड़ी संख्या रहती है। ऐसे में राष्ट्रपति के दौरे के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है।
इसी कारण पुलिस ने मुख्य मार्गों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। पार्किंग व्यवस्था को भी नियंत्रित किया जा रहा है।
अटल टनल रोहतांग से होकर लाहौल-स्पीति की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी विशेष निर्देशों का पालन करना होगा। भारी वाहनों पर रोक की अवधि समाप्त होने के बाद ही सामान्य आवाजाही बहाल होगी।
राष्ट्रपति के तीन दिवसीय दौरे के दौरान विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। सुरक्षा एजेंसियां उनके पूरे प्रवास के दौरान अलर्ट पर रहेंगी।
मनाली पहुंचने के बाद राष्ट्रपति के कार्यक्रमों को लेकर स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखा है।
स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और आपातकालीन सेवाओं को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रपति के दौरे के मार्गों पर सुरक्षा की कई स्तरों पर निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात प्रतिबंध और सुरक्षा निर्देशों की जानकारी लेकर ही यात्रा करें, ताकि अनावश्यक जाम और परेशानी से बचा जा सके।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह हिमाचल दौरा बिलासपुर और मनाली दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर उन्होंने एम्स के पहले दीक्षा समारोह में भाग लिया, वहीं दूसरी ओर अब वह राज्य के प्रमुख धार्मिक और रणनीतिक स्थलों का दौरा करेंगी।
फिलहाल मनाली में राष्ट्रपति की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा कड़ी है और 7 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।