Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के बाद नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह पूरे राज्य में आयोजित किए गए। राज्य के 12 जिलों में कुल 3754 पंचायत प्रधान और इतने ही उपप्रधान नवनिर्वाचित हुए हैं।

Himachal Pradesh में सोमवार को कांगड़ा जिले को छोड़कर शेष 11 जिलों की 2909 पंचायतों के प्रधानों और उपप्रधानों को जिला स्तर पर मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।

मंडी जिले में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री Anirudh Singh ने पंचायत प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

समारोह में विधानसभा अध्यक्ष Kuldeep Singh Pathania सहित अन्य मंत्रियों ने भी विभिन्न जिलों में शपथ ग्रहण कार्यक्रमों में भाग लिया। वहीं लोक निर्माण विभाग मंत्री Vikramaditya Singh अपनी व्यस्तताओं के कारण इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।

प्रशासनिक स्तर पर शपथ ग्रहण कार्यक्रमों का आयोजन जिला आधार पर किया गया, जिससे सभी पंचायत प्रतिनिधियों को समय पर शपथ दिलाई जा सके। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय शासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

लाहौल-स्पीति जिले में शपथ ग्रहण कार्यक्रम में पहले कुल्लू और लाहौल-स्पीति के प्रतिनिधियों को एक साथ शपथ दिलाने की योजना थी, लेकिन बाद में इसमें बदलाव किया गया। संशोधित कार्यक्रम के तहत लाहौल-स्पीति में उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने पंचायत प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई।

Kehar Singh Pathania ने इस अवसर पर उपस्थित प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की सलाह दी।

राज्य सरकार का कहना है कि पंचायत स्तर पर नई टीम के गठन से ग्रामीण विकास योजनाओं को गति मिलेगी और स्थानीय समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से उम्मीद जताई गई है कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।

कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में पंचायत स्तर पर सत्ता हस्तांतरण की यह प्रक्रिया बड़े पैमाने पर पूरी की गई, जिसमें हजारों प्रतिनिधियों ने अपने पद की शपथ लेकर जिम्मेदारियों का औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला।

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