Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा जिले की इंदौरा तहसील का राजा खास गांव हिमाचल प्रदेश का पहला पूर्ण सौर ऊर्जा से संचालित गांव बनने जा रहा है। धर्मशाला जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गांव 675.37 हेक्टेयर में फैला हुआ है। 2011 की जनगणना के अनुसार राजा खास की कुल जनसंख्या 2,201 थी, लेकिन वर्तमान में इसकी अनुमानित जनसंख्या 3,000 है। सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित होने पर गांव के 560 परिवारों को उनकी दैनिक बिजली जरूरतों के लिए मुफ्त सौर ऊर्जा उपलब्ध कराई जाएगी। कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा रही है, जिसे केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा समर्थन दिया जा रहा है। आदर्श सौर ऊर्जा गांव के विकास और गांव में हरित ऊर्जा के विस्तार के लिए केंद्र सरकार एक करोड़ रुपये का अनुदान देगी।
मंगलवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर निशुल्क बिजली योजना के तहत गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिले के 43 गांवों को शॉर्ट लिस्ट किया गया था, जिनमें से राजा खास को इस परियोजना के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नामित ‘मॉडल सोलर विलेज इम्प्लीमेंटेशन एजेंसी’ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी और इस पर काम करके गांव को सौर ऊर्जा गांव में तब्दील करेगी, ताकि विकेन्द्रीकृत सौर प्रौद्योगिकी का उपयोग करके सभी ग्रामीणों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाई जा सके। हिमऊर्जा के परियोजना अधिकारी एवं डीएलसीसी के सदस्य सचिव रमेश ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर निशुल्क बिजली योजना का क्रियान्वयन ‘हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा है, जबकि सरकार ने योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए हिमऊर्जा को नोडल एजेंसी के रूप में अधिसूचित किया है। इस सौर ऊर्जा पहल से न केवल घरों को निशुल्क बिजली मिलेगी, बल्कि स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक सुविधाएं जैसे स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और सिंचाई प्रणाली भी इसके दायरे में आएंगी। कृषि के लिए सौर ऊर्जा चालित जल पंप भी केंद्र सरकार की योजना का हिस्सा बन सकते हैं।