Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मंडी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में नए तकनीकी कोर्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पहल छात्रों और पेशेवरों के लिए अत्याधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है और उन्हें भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करती है।
IIT मंडी के प्रवक्ता ने बताया कि ये कोर्स विशेष रूप से उन छात्रों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं जो तकनीकी नवाचार, स्मार्ट सिस्टम और उन्नत डिजिटल उपकरणों में करियर बनाना चाहते हैं। कोर्स में एआई एल्गोरिदम, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स सॉफ्टवेयर और IoT नेटवर्किंग जैसे विषय शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय ने बताया कि कोर्स का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और शोध-आधारित ज्ञान प्रदान करना है। छात्रों को लैब सेशन्स, प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री रियल-टाइम केस स्टडीज़ के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे छात्रों का कौशल न केवल अकादमिक बल्कि उद्योग के दृष्टिकोण से भी विकसित होगा।
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार IIT मंडी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि (तारीख) है। कोर्स में दाखिला चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा, जिसमें उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता, तकनीकी कौशल और संभावित साक्षात्कार को ध्यान में रखा जाएगा।
शैक्षिक विशेषज्ञों का कहना है कि AI, रोबोटिक्स और IoT जैसे क्षेत्र भविष्य की तकनीकी दुनिया के मुख्य आधार होंगे। इन क्षेत्रों में कौशल रखने वाले पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। IIT मंडी का यह कोर्स छात्रों को रोजगार और अनुसंधान के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा।
इसके अलावा, IIT मंडी ने यह भी बताया कि कोर्स के दौरान छात्रों को नवीनतम उपकरण और तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म तक पहुंच दी जाएगी। इससे वे इंडस्ट्री के मानक और नवीनतम तकनीकी प्रगतियों के अनुरूप अपने प्रोजेक्ट्स और अनुसंधान कर सकेंगे।
स्थानीय छात्रों और तकनीकी उत्साही लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह कोर्स हिमाचल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को एक नया आयाम देगा और युवाओं को डिजिटल और स्मार्ट तकनीकों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि छात्रों को कोर्स के दौरान लगातार तकनीकी अद्यतनों और उद्योग के रुझानों के अनुसार अपने ज्ञान को अपडेट रखना चाहिए। इससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार होंगे।