सॉफ्टवेयर से इंटरलिंक हुआ हिमाचल का अलर्ट सिस्टम, जंगल में आग लगते ही मोबाइल पर आएगा मैसेज

Update: 2023-03-23 09:23 GMT
बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश वन विभाग द्वारा फायर सीजन के लिए शुरू किया गया फोरेस्ट फायर अलर्ट मैसेजिंग सिस्टम अब सीधे फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की बेवसाइट के साथ इंटरलिंक हो गया है। इसका फायदा यह होगा कि प्रदेश में किसी भी जंगल में आग लगते ही तत्काल फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के सॉफ्टवेयर फायर अलर्ट मैसेजिंग से लिंक किए गए अधिकारियों के मोबाइल पर अलर्ट मैसेज आ जाएगा। वन विभाग की ई-मेल पर भी यह मैसेज आएगा। यही नहीं, चीड़-पत्तियों व घास इत्यादि से भरपूर जंगलों में आग लगने की संभावना के बारे में भी पहले ही अलर्ट जारी हो जाएगा। खास बात यह है कि इस सिस्टम के साथ जनप्रतिनिधियों और वालंटियर्स को भी लिंक किया जा रहा है। हिमाचल में 2012 में फोरेस्ट फायर अलर्ट मैसेजिंग सिस्टम शुरू किया था। इस सिस्टम के साथ फोरेस्ट गार्ड से लेकर आला अधिकारी तक जुड़े हुए हैं। इस सिस्टम पर सेटेलाइट के माध्यम से मॉनिटरिंग की तमाम अपडेट्स आ जाती हैं। जंगलों में आग लगने की सूचना देने के लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 1070 और 1077 पर भी जारी किए हैं। वन विभाग के बिलासपुर में कार्यरत (फोरेस्ट प्रोटेक्शन एंड फायर कंट्रोल) विंग के मुख्य अरण्यपाल अनिल कुमार शर्मा के अनुसार सिस्टम के साथ जनप्रतिनिधियों व वालंटियर्स को भी लिंक किया जा रहा है। इसका जिम्मा फोरेस्टगार्ड को सौंपा है। पहली अप्रैल से लेकर जून माह तक फायर सीजन रहता है जिसके चलते कर्मियों की छुट्टियां भी रद्द की गई हैं। -एचडीएम
कड़ा पहरा लगाकर वनों की सुरक्षा
फायर सीजन में ठीकरी पहरा लगाकर भी जंगलों की सुरक्षा की जाएगी, जिसके लिए सभी जिलाधीश इस संदर्भ में नोटिफिकेशन जारी करेंगे। कांगड़ा जिला में यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। संबंधित पंचायत प्रतिनिधि यह सुनिश्चित करेंगे। ग्रामीण रात को ठीकरी पहरा लगाकर वनों में आग की घटनाओं में रोकने के लिए भूमिका निभाएंगे।
अब तक 2938 घटनाएं
इस बार फायर सीजन के दौरान अब तक पूरे प्रदेश भर में वनों में आग लगने की 2938 घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इसके तहत 25316.09 हेक्टेयर एरिया को नुकसान हुआ है और 73381493 रुपए का लोस दर्ज किया है। सबसे ज्यादा घटनाएं धर्मशाला, चंबा, मंडी, शिमला व रामपुर सर्किल में दर्ज की गई हैं। चंबा में 525, धर्मशाला में 619, मंडी में 388, रामपुर में 268, शिमला में 322, हमीरपुर में 285 और बिलासपुर में 151 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
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