शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कों के बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।

मौसम विभाग के अनुसार 3 से 5 सितंबर तक प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। विशेष रूप से निचले और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में पहले से कमजोर हो चुकी जमीन के खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने और नदियों, नालों व जलस्रोतों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
सड़कें और यातायात प्रभावित होने की आशंका
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर मलबा गिरने, फिसलन बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की संभावना रहती है। स्थानीय प्रशासन को निगरानी बढ़ाने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह
हिमाचल आने वाले पर्यटकों को मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। खासकर नदी किनारे और भूस्खलन वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
बारिश और संभावित आपदाओं को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क हैं। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी राज्यों में बारिश के दौरान छोटी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
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