Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजीव गांधी योजना के अंतर्गत 4,000 हेक्टेयर में पौधारोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह योजना राज्य में हरित विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। राजीव गांधी योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा। योजना में स्थानीय वनस्पति, फलदार और औषधीय पौधों के रोपण पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही यह योजना मिट्टी संरक्षण, जल संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ाने में भी मदद करेगी।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत रोपाई कार्य प्रारंभ होने से पहले भूमि की तैयारी, पौधों का चयन और कर्मचारियों का प्रशिक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में भी सहायक होगा।
प्रदेश के वन मंत्री [मंत्री का नाम] ने कहा, "हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। राजीव गांधी योजना के तहत 4,000 हेक्टेयर में पौधारोपण का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।" उन्होंने अधिकारियों को पौधारोपण की गुणवत्ता और समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर पौधारोपण से जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने, मिट्टी क्षरण रोकने और जैव विविधता को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह योजना स्थानीय समुदायों को हरित रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी।
स्थानीय लोगों ने योजना का स्वागत किया और कहा कि इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार और शिक्षा के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि पौधारोपण के बाद उनके संरक्षण और नियमित निगरानी की भी व्यवस्था की जाए।
वन विभाग ने बताया कि इस अभियान में सरकारी विभागों के साथ-साथ स्वयंसेवी संगठन और स्कूल-कॉलेज भी भागीदारी करेंगे। इससे बच्चों और युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और हरित संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।