Himachal Pradesh : चिट्टा सप्लाई करने वाला सरगना गिरफ्तार

Update: 2025-05-06 05:11 GMT
Himachal Pradesh : शिमला पुलिस के मिशन क्लीन-भरोसा के तहत नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने अंतरराज्यीय नेटवर्क के सरगना को पकड़ा है। शिमला पुलिस उसे यूपी के गाजियाबाद के एक होटल से गिरफ्तार कर शिमला ले आई है। अंतरराज्यीय नेटवर्क का सरगना अशोक खजूरिया उर्फ ​​शर्मा उर्फ ​​बिल्ला (54) पुत्र स्वर्गीय बोधराज गांव बडगल डाकघर सोहल तहसील अखनूर जिला जम्मू का रहने वाला है।
पिछले दिनों पुलिस ने उसकी भाभी और भतीजे को गिरफ्तार किया था, लेकिन वह फरार हो गया था, लेकिन बालूगंज थाने की विशेष टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसकी तलाश में शिमला पुलिस ने हरियाणा, दिल्ली आदि जगहों पर भी दबिश दी। आरोपी अशोक खजूरिया जम्मू-कश्मीर राज्य का रहने वाला है, जिसके खिलाफ एसटीएफ मोहाली पंजाब द्वारा पहले ही एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है, जिसमें उससे भारी मात्रा में 5 किलो चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई थी। इस मामले में वह 6 साल 11 महीने और 4 दिन न्यायिक हिरासत में रह चुका है।
शिमला लाई गई पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान सरगना अशोक खजूरिया ने खुलासा किया कि उसने अपने एक परिचित अनिल कुमार पुत्र धर्मवीर निवासी गांव खेड़ी गंगन, डाकघर खेड़ी गंगन, तहसील हांसी, जिला हिसार, हरियाणा के माध्यम से आईपीएल ड्रीम-11 में चिट्टा बेचकर कमाए पैसे का निवेश किया है। पुलिस उसके खातों की तलाशी ले रही है और उसकी संपत्ति के बारे में भी पूछताछ कर रही है। उसकी संपत्ति को फ्रीज किया जाएगा और इसके लिए पुलिस ने कवायद शुरू कर दी है।
अशोक खजूरिया नशा तस्करी का अंतरराज्यीय गिरोह चलाता था और अपने साथियों और गुर्गों के माध्यम से पंजाब, जम्मू-कश्मीर से शिमला और हिमाचल प्रदेश के अन्य हिस्सों में नशा लाता था। मोती शर्मा उसका मुख्य सहयोगी था, जिसे शिमला पुलिस ने सबसे पहले 10 अप्रैल को 23.720 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था। ड्रग मनी की निशानदेही पर जांच टीम जम्मू-कश्मीर पहुंची, जहां से 19 अप्रैल को अशोक खजूरिया के भतीजे को गिरफ्तार कर शिमला लाया गया। शर्मा के एक अन्य सहयोगी संजय कुमार को 10 अप्रैल को हमीरपुर जिले में 130 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया। एसएसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि इस सरगना को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि इसके भतीजे व अन्य साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वह अपना ठिकाना बदलता रहा और पुलिस को बरगलाता रहा, लेकिन पुलिस टीम लगातार उसके पीछे लगी रही और आखिरकार उसे यूपी के गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच अभी जारी है और ड्रग तस्करी के इस अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Tags:    

Similar News