Himachal : साइबर ठगी का बड़ा मामला, बदमाशों ने बैंक का सर्वर हैक कर 2 दिन में उड़ाए 11.55 करोड़ रुपये
Himachal : हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिला में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यह ठगी किसी व्यक्ति के साथ नहीं, बल्कि बैंक के साथ हुई है। शातिरों ने बैंक का सर्वर हैक कर करोड़ों रुपए की राशि उड़ा ली है। जानकारी के अनुसार साइबर अपराधियों ने चम्बा जिला में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की हटली शाखा का सर्वर हैक कर महज 2 दिनों एक खाते से कुल 11.55 करोड़ रुपए उड़ा लिए। खास बात यह है कि यह ठगी उन दिनों में की गई जब बैंक अवकाश के कारण बंद था।
11 मई को रविवार और 12 मई को बुध पूर्णिमा के सार्वजनिक अवकाश के चलते बैंक में कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन साइबर अपराधियों ने इसी दौरान आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए बड़ी मात्रा में रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दी। जब बैंक को इस बारे में पता चला तो आंतरिक जांच के बाद तुरंत शिमला साइबर सैल को सूचना दी गई। बैंक के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी ने शिमला के सदर थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें इस घटना को गंभीर साइबर अपराध करार देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने इस मामले को जीरो एफआईआर के तौर पर दर्ज कर जांच राज्य साइबर सैल को सौंप दिया है।
शिमला के एएसपी नवदीप सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह हाई टैक साइबर फ्रॉड प्रतीत हो रहा है। वहीं डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने कहा कि साइबर टीम जांच में जुट गई है। बैंक से प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन डेटा और दस्तावेजों की तकनीकी जांच की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजैंसी सीईआरटी-इन की टीम भी जांच में शामिल की जा रही है। यह टीम आज शिमला पहुंचेगी और राज्य साइबर सेल के साथ मिलकर डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण करेगी।
उधर, बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा ने बताया कि इस ठगी को बैंक के सर्वर पर हमला कर अंजाम दिया गया है, हालांकि ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रांसफर की गई अधिकांश राशि को ट्रेस कर होल्ड कर लिया गया है। बैंक पहले से ही साइबर इंश्योरैंस के अंतर्गत आता है, जिससे संभावित नुक्सान की भरपाई की जाएगी। उन्होंने भविष्य में सुरक्षा बढ़ाने के लिए बैंक इन्फोसिस के फिनेकल-10 सॉफ्टवेयर पर शिफ्ट हो रहा है।