चंबा। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान हेली टैक्सी से सफर करने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। भद्रवाह से आने वाली ऐतिहासिक छड़ी यात्रा और उसके साथ पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए 14 से 16 सितंबर तक भरमौर हेलीपैड से संचालित होने वाली हेली टैक्सी सेवा प्रभावित रहेगी। छड़ी यात्रा के भरमौर पहुंचने पर आवश्यकता के अनुसार हेलीकॉप्टर उड़ानों को पूरी तरह रोक दिया जाएगा।

श्री मणिमहेश ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन की ओर से यह बदलाव श्रद्धालुओं की सुरक्षा भीड़ नियंत्रण और पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रमों के निर्विघ्न आयोजन के लिए किया गया है। प्रशासन के मुताबिक 14 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भरमौर मुख्यालय पहुंचेंगे। उनके साथ पारंपरिक छड़ी यात्रा भी भरमौर पहुंचेगी जिसके स्वागत और धार्मिक रस्मों के दौरान हेलीपैड तथा आसपास के क्षेत्र में भीड़ बढ़ने की संभावना है।

भद्रवाह से निकलने वाली छड़ी यात्रा का श्री मणिमहेश यात्रा में विशेष धार्मिक महत्व है। वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार छड़ी के भरमौर पहुंचने के बाद उससे जुड़ी धार्मिक रस्में पूरी की जाती हैं। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग श्रद्धालु और धार्मिक प्रतिनिधि शामिल होते हैं। इसी कारण प्रशासन ने हेली टैक्सी के नियमित संचालन की तुलना में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पारंपरिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

जानकारी के अनुसार छड़ी यात्रा के साथ आने वाले श्रद्धालु भरमौर में ठहरने के बाद मणिमहेश की ओर प्रस्थान करेंगे। इस दौरान हेलीपैड के आसपास लोगों की आवाजाही अधिक रहेगी। हेलीकॉप्टर के उतरने और उड़ान भरने के समय सुरक्षा की दृष्टि से हेलीपैड के आसपास नियंत्रित क्षेत्र बनाए रखना जरूरी होता है। भीड़ बढ़ने पर उड़ान संचालन सुरक्षित तरीके से जारी रखना मुश्किल हो सकता है।

हेली टैक्सी सेवा को 14 से 16 सितंबर तक प्रभावित रखने की व्यवस्था इसी स्थिति को ध्यान में रखकर की गई है। छड़ी यात्रा के कार्यक्रम और श्रद्धालुओं की मौजूदगी के अनुसार उड़ानों का संचालन रोका जा सकता है। इसका अर्थ यह है कि इन तारीखों के लिए टिकट बुक करा चुके यात्रियों को यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक पोर्टल हेली टैक्सी कंपनी या स्थानीय प्रशासन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए।

विशेष व्यवस्था के दौरान भरमौर हेलीपैड पर भीड़ की स्थिति सुरक्षा अधिकारियों की अनुमति और धार्मिक कार्यक्रमों के समय के आधार पर उड़ानों पर फैसला लिया जाएगा। यदि हेलीपैड के आसपास श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है तो हेलीकॉप्टर की आवाजाही पूरी तरह रोक दी जाएगी। भीड़ कम होने और सुरक्षा संबंधी अनुमति मिलने पर सीमित उड़ानें संचालित किए जाने की संभावना हो सकती है। इसलिए इसे सामान्य समय-सारिणी वाला संचालन नहीं माना जाना चाहिए।

मणिमहेश यात्रा के लिए सामान्य रूप से भरमौर और होली से गौरीकुंड तक हेली टैक्सी सेवा उपलब्ध कराई जाती है। गौरीकुंड हेलीपैड से श्रद्धालुओं को मणिमहेश झील और मंदिर तक पैदल यात्रा करनी पड़ती है। हेलीकॉप्टर सेवा बुजुर्गों और लंबी पैदल यात्रा करने में कठिनाई महसूस करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी मानी जाती है।

वर्ष 2026 की आधिकारिक मणिमहेश यात्रा चार से 19 सितंबर तक निर्धारित है। यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को भरमौर पहुंचने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करने और उसकी प्रति साथ रखने के निर्देश दिए हैं। कमजोर इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क के कारण मौके पर पंजीकरण तथा OTP प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। चंबा जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी

सामान्य कार्यक्रम के अनुसार यात्रा अवधि में हेली टैक्सी सेवा 25 अगस्त से 20 सितंबर तक चलाने की योजना बनाई गई थी। भरमौर से गौरीकुंड का एकतरफा किराया 3,828 रुपये और होली से गौरीकुंड का किराया 6,255 रुपये निर्धारित किया गया है। हालांकि मौसम तकनीकी खराबी सुरक्षा कारणों या प्रशासनिक आदेश के कारण उड़ानें रद्द अथवा स्थगित की जा सकती हैं।

प्रतिकूल परिस्थितियों या प्रशासनिक आदेश से उड़ान रद्द होने पर यात्रियों को लागू नियमों के अनुसार किराया वापस करने का प्रावधान है। यात्रियों को किसी अनधिकृत एजेंट से टिकट खरीदने के बजाय केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से बुकिंग करने की सलाह दी गई है। फर्जी या डुप्लीकेट टिकट मिलने पर संबंधित यात्री को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले किया जा सकता है।

हेली टैक्सी में यात्रा करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के पास वैध फोटो पहचान पत्र और यात्रा पंजीकरण का प्रमाण होना आवश्यक है। अधिक ऊंचाई पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के खतरे को देखते हुए यात्रियों को मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र साथ रखने और यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई है। खराब स्वास्थ्य वाले यात्रियों को बेस कैंप हड़सर से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से गर्म कपड़े बरसाती मजबूत जूते टॉर्च और आवश्यक दवाएं साथ रखने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्र में मौसम अचानक बदल सकता है जिससे उड़ानों के साथ पैदल यात्रा भी प्रभावित हो सकती है। श्रद्धालुओं को केवल प्रशासन की ओर से निर्धारित मार्गों का उपयोग करने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर नजदीकी चिकित्सा शिविर से संपर्क करने को कहा गया है।

सोलह सितंबर तक लागू विशेष व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक छड़ी यात्रा की परंपरा को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। छड़ी यात्रा से जुड़े कार्यक्रम पूरे होने और भीड़ सामान्य होने के बाद भरमौर हेलीपैड से हेली टैक्सी सेवा सामान्य रूप से बहाल किए जाने की उम्मीद है। तब तक यात्रियों को उड़ान की स्थिति की पुष्टि करने के बाद ही भरमौर हेलीपैड पहुंचना चाहिए।

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