Kharondhi कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में सामूहिक बीमारी के बाद छात्राएं घर लौटीं
Jharkhand झारखंड : खरौंधी स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में लगभग 100 छात्राओं के सामूहिक रूप से बीमार पड़ने की घटना के बाद विद्यालय परिसर पूरी तरह वीरान हो गया है। एहतियात के तौर पर सभी छात्राओं को उनके अभिभावक अपने-अपने घर ले गए हैं। घटना के बाद से विद्यालय में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार तक विद्यालय में मौजूद सभी छात्राएं वापस अपने घर लौट चुकी थीं। इसके बाद रविवार को विद्यालय परिसर पूरी तरह सुनसान और खाली नजर आया। जहां पहले प्रार्थना, कक्षाएं, खेलकूद और अन्य गतिविधियों के चलते परिसर में चहल-पहल रहती थी, वहीं अब वहां केवल सुरक्षा व्यवस्था के तहत गार्ड तैनात हैं।
विद्यालय में छात्राओं के अचानक बीमार पड़ने की घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तत्काल कार्रवाई की थी और सभी छात्राओं को सुरक्षित उनके घर भेजने का निर्णय लिया गया था। इस कदम का उद्देश्य अन्य छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्थिति पर नियंत्रण रखना था।
घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने विद्यालय की स्थिति, भोजन व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच शुरू कर दी है ताकि बीमारी के कारणों का पता लगाया जा सके।
इस बीच, शनिवार को उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने विद्यालय और संबंधित अस्पताल का दौरा कर छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन ने संकेत दिया है कि जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में यह जांच की जा रही है कि छात्राओं के बीमार पड़ने के पीछे लापरवाही या किसी अन्य कारण की भूमिका तो नहीं रही।
विद्यालय में हुई इस घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। कई अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा और भोजन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आवासीय विद्यालयों में नियमित निगरानी और स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए।
फिलहाल विद्यालय परिसर में गतिविधियां बंद हैं और प्रशासनिक जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की व्यवस्था पर निर्णय लिया जाएगा।
यह घटना आवासीय विद्यालयों में स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन अब पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।