Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: नूरपुर शहर में अतिक्रमण की भरमार ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। शहर की सड़कों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर अनधिकृत निर्माण और कब्जा बढ़ते जा रहे हैं, जबकि अधिकारियों की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई सालों से शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध निर्माण, दुकान और घर बनाए जा रहे हैं। इससे न केवल सड़कें और सार्वजनिक जगहें अवरुद्ध हुई हैं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं और सफाई कार्यों में भी कठिनाई आ रही है। कई नालियाँ और ड्रेनेज सिस्टम अब पूरी तरह ब्लॉक हो चुके हैं।
स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि अतिक्रमण के कारण व्यापार और आवागमन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि नियमों का पालन करवाया जाए और अवैध निर्माण हटाए जाएं, ताकि शहर में आम जनता के लिए सुविधाएँ बहाल हो सकें।
नगर निगम और पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने कुछ मामलों में कार्रवाई शुरू की है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई हिस्सों में नियमों की अनदेखी जारी है। अधिकारी अक्सर शिकायतों को टालते हैं और कार्रवाई में देरी होती है। इससे शहर में अतिक्रमण की प्रवृत्ति और बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अतिक्रमण की समस्या केवल शहर की सुविधाओं और सौंदर्य को प्रभावित नहीं कर रही, बल्कि सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन गई है। अवैध निर्माण और कब्जा बारिश के मौसम में जलभराव, नालियों की बंदी और आग जैसी आपात स्थितियों को जन्म दे सकते हैं।
स्थानीय नागरिक समिति ने नगर निगम को सख्त निर्देश जारी करने और अवैध निर्माण हटाने की योजना बनाने की मांग की है। समिति के सदस्य ने कहा कि यदि अधिकारी अब भी कार्रवाई नहीं करेंगे, तो नागरिक आंदोलन और न्यायिक हस्तक्षेप की संभावना बढ़ जाएगी।
कुल मिलाकर, नूरपुर शहर में अतिक्रमण की बढ़ती समस्या स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और नियमों की अनदेखी का नतीजा है। नागरिकों और व्यापारियों की मांग है कि अधिकारी तुरंत कार्रवाई करें, ताकि शहर की सड़कें, नालियाँ और सार्वजनिक सुविधाएँ सुरक्षित और सुचारू रूप से कार्य कर सकें।