Dharamshala: ग्रामीण विवादों के समाधान में सामुदायिक मध्यस्थता की अहम भूमिका: मिहुल शर्मा

ग्रामीण भारत में विवाद समाधान का प्रभावी माध्यम बनेगी सामुदायिक मध्यस्थता

Update: 2026-07-17 04:54 GMT

धर्मशाला: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ‘सामुदायिक मध्यस्थता मुकदमा-मुक्त ग्रामीण भारत की ओर’ परियोजना के द्वितीय चरण को देशभर में प्रारम्भ किया जा रहा है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा आर मिहुल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर छोटे एवं सामुदायिक विवादों का आपसी संवाद एवं सहमति के माध्यम से शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना, न्यायालयों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करना तथा सामाजिक समरसता एवं न्याय तक सहज पहुँच को सुदृढ़ बनाना है।

उन्होंने बताया जिला कांगड़ा में परियोजना के सफल क्रियान्वयन हेतु पांच गांवों का चयन किया जा रहा है, जिनमें ग्राम स्तर पर सम्मानित एवं समाजसेवी व्यक्तियों का सामुदायिक मध्यस्थ के रूप में चयन करके उन्हें प्रशिक्षित मध्यस्थों द्वारा विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से ग्रामीण विवादों का समाधान कर सकें।

परियोजना के अंतर्गत एक निर्धारित समयसीमा में जिन ग्रामों में लगातार 12 माह तक कोई नया वाद न्यायालय में दर्ज नहीं होगा अथवा सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान की उच्च दर रहेगी, उन्हें ‘मुकदमा-मुक्त गांव’ घोषित किया जाएगा।

उन्होंने समस्त नागरिकों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें और अपने-अपने क्षेत्रों में सामुदायिक मध्यस्थता को सफल बनाकर ‘मुकदमा-मुक्त ग्रामीण भारत’ के निर्माण में सहभागी बनें।

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