Himachal हिमाचल: पंजाब और हिमाचल प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद में गिरावट देखी जा रही है, क्योंकि किसान राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ज्यादा कीमत के लिए निजी व्यापारियों को अपना माल बेच रहे हैं।
पंजाब के बॉर्डर इलाकों के किसान, जैसे कि मलकपुर (बद्दी) में, जहां 8.55 मीट्रिक टन गेहूं पहले ही जमा हो चुका है, सरकारी खरीद की बजाय निजी बाजारों को प्राथमिकता दे रहे हैं। पिछले साल यहां केवल 7.75 मीट्रिक टन गेहूं जमा हुआ था, जबकि इस साल का लक्ष्य 9 मीट्रिक टन था।
हिमाचल प्रदेश में, मालगाड़, नलागढ़ और तकराला जैसे केंद्रों में भी सरकारी खरीद की स्थिति कमजोर रही है। तकराला केंद्र पर 41 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी गई है, जबकि लक्ष्य 301 मीट्रिक टन था।राज्य सरकार ने इस वर्ष MSP में ₹150 की वृद्धि की है, जिससे प्रति क्विंटल ₹2,425 हो गया है, लेकिन इसके बावजूद किसानों का रुझान सरकारी खरीद की ओर कम रहा है।
कुछ केंद्रों पर खरीद लक्ष्य से अधिक हो चुकी है, जैसे कांगड़ा जिले के मिलवां केंद्र में 281.25 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी गई है, जबकि लक्ष्य 45 मीट्रिक टन था।