बघाट बैंक सोलन के डिफाल्टरों पर शिकंजा, 100 से ज्यादा गिरफ्तारी वारंट जारी

Update: 2026-07-30 05:46 GMT

सोलन। बघाट बैंक सोलन से ऋण लेकर वापस न करने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। सहायक पंजीयक की अदालत ने ऋण न चुकाने वाले 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। बैंक अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़कर 250 से अधिक हो सकती है।

बैंक प्रबंधन की ओर से ऋण वसूली को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। लंबे समय से बकाया ऋण जमा न करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी कड़ी में सहायक पंजीयक की अदालत से वारंट जारी होने के बाद डिफाल्टरों में हड़कंप मचा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, ऋण न चुकाने के मामले में हाल ही में बैंक के सबसे बड़े डिफाल्टर को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद कार्रवाई में तेजी आई है। अब तक इस मामले में करीब 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बैंक और प्रशासन का कहना है कि ऋण वसूली की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

बघाट बैंक लंबे समय से वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। बैंक को आर्थिक रूप से मजबूत करने और दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार ने वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। इसके तहत करीब 15 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार की इस सहायता को बैंक के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। वित्तीय मदद मिलने से बैंक की स्थिति को सुधारने, संचालन को मजबूत करने और ग्राहकों के हितों की रक्षा करने में मदद मिलेगी। बैंक प्रबंधन का कहना है कि वित्तीय मजबूती के साथ ऋण वसूली अभियान को भी प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

बैंक अधिकारियों के मुताबिक, कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों ने ऋण लेने के बाद लंबे समय तक भुगतान नहीं किया। ऐसे मामलों में पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन भुगतान नहीं होने पर अब कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है।

बैंक प्रबंधन का कहना है कि ऋण की वापसी बैंकिंग व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। यदि ऋण लेने वाले लोग समय पर भुगतान नहीं करते हैं तो इसका सीधा असर बैंक की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। इसी वजह से डिफाल्टरों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है।

वहीं, बैंक से जुड़े ग्राहकों को भी उम्मीद है कि सरकार की वित्तीय सहायता और वसूली अभियान के बाद बैंक की स्थिति में सुधार आएगा। बघाट बैंक क्षेत्र के कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय संस्था है और इसकी मजबूती स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम मानी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुए हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का सामना करना होगा। बैंक की ओर से डिफाल्टरों की सूची और बकाया राशि से जुड़े मामलों की समीक्षा भी की जा रही है।

बैंक प्रबंधन ने साफ किया है कि जो लोग भुगतान करने के इच्छुक हैं, उनके मामलों पर नियमानुसार विचार किया जा सकता है, लेकिन जानबूझकर ऋण न चुकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

सरकार की ओर से मिलने वाली 15 करोड़ रुपये की सहायता को बैंक के पुनर्गठन और वित्तीय सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे बैंक को अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने और आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल बघाट बैंक सोलन में डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। बैंक और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि ऋण वापसी को लेकर अब किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

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