CM सुक्खू ने अरविंद पनगढ़िया से की मुलाकात , ग्रीन बोनस की मांग की और राजस्व घाटा अनुदान बढ़ाने का मामला उठाया
CM सुक्खू ने अरविंद पनगढ़िया से की मुलाकात
Shimla.शिमला। आर्थिक व अन्य मोर्चों पर हिमाचल के हितों की पैरवी करने के लिए दिल्ली दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व उनकी टीम ने 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगड़िया से मुलाकात की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री व उनकी टीम ने आयोग के समक्ष करीब तीन घंटे तक विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में राज्य की वित्तीय स्थिति, विकासात्मक जरूरतों व चुनौतियों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया। वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगड़िया से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने पर्यावरण संरक्षण की भावना से उचित मुआवजे की पुरजोर वकालत की और हिमाचल को ग्रीन बोनस देने का आग्रह किया। राज्य की ओर से वित्त आयोग के अध्यक्ष को एक अतिरिक्त ज्ञापन भी सौंपा गया। डॉ. पनगड़िया ने आश्वासन दिया कि आयोग राज्य के अनुरोध पर विचार करेगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद थे। उन्होंने प्रदेश के लिए धन आवंटन बढ़ाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि देश के पहाड़ी राज्यों को भौगोलिक दृष्टि से विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए उन्हें उनका वाजिब हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए राज्य द्वारा दी जा रही सेवाओं के लिए ग्रीन बोनस की भी मांग की।मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती के कारण प्रदेश को नुकसान हुआ है और इसके लिए राज्य को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए राजस्व घाटा अनुदान बढ़ाया जाना चाहिए, न कि धीरे-धीरे समाप्त किया जाना चाहिए।ध्यान रहे कि हिमाचल के साथ-साथ देश के अन्य सभी राज्यों को केंद्र से मिलने वाला जीएसटी मुआवजा जून 2022 से बंद कर दिया गया है। जीएसटी मुआवजा बंद होने से प्रदेश को भारी नुकसान हुआ। अन्यथा जीएसटी मुआवजे के एवज में हिमाचल सरकार को केंद्र से हर साल मिलने वाली करीब 3500 करोड़ रुपये की राशि अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी का काम करती थी।