कुल्लू जिला परिषद में BJP का दबदबा, 23 साल बाद अध्यक्ष पद पर वापसी

Update: 2026-07-16 08:14 GMT

कुल्लू : हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जिला परिषद कुल्लू के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए गुरुवार को हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दोनों पदों पर जीत हासिल कर ली। करीब 23 वर्षों बाद जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार की वापसी हुई है।

अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित ठाकुर दास विजयी रहे, जबकि उपाध्यक्ष पद पर नीना देवी ने जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भाजपा ने लंबे समय से कांग्रेस के कब्जे में रहे जिला परिषद नेतृत्व को अपने पक्ष में कर लिया।

2003 के बाद पहली बार भाजपा का अध्यक्ष

जिला परिषद कुल्लू के इतिहास में वर्ष 2003 के बाद पहली बार भाजपा समर्थित अध्यक्ष चुना गया है। पिछले करीब दो दशक से अधिक समय से जिला परिषद अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का दबदबा कायम था।

इस बार हुए चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदले और भाजपा ने बहुमत का समर्थन जुटाते हुए दोनों महत्वपूर्ण पदों पर कब्जा कर लिया।

भाजपा की इस जीत को जिले की राजनीति में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं में जीत को लेकर उत्साह का माहौल है।

ठाकुर दास बने जिला परिषद अध्यक्ष

अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित ठाकुर दास ने जीत हासिल की। चुनाव प्रक्रिया के दौरान जिला परिषद सदस्यों ने मतदान किया, जिसमें ठाकुर दास को समर्थन मिला।

जीत के बाद ठाकुर दास ने कहा कि वह जिले के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला परिषद को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम किया जाएगा।

नीना देवी ने संभाली उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी

उपाध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित नीना देवी निर्वाचित हुईं। उनकी जीत के बाद भाजपा समर्थकों ने खुशी जाहिर की।

नीना देवी ने भी जिला परिषद के कामकाज को प्रभावी बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर ध्यान देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि जिला परिषद के माध्यम से जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा।

कांग्रेस के लंबे वर्चस्व का अंत

कुल्लू जिला परिषद अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का लंबे समय से प्रभाव रहा था। करीब 23 वर्षों तक कांग्रेस समर्थित प्रतिनिधि इस पद पर काबिज रहे।

लेकिन इस बार चुनावी नतीजों ने जिले की राजनीतिक तस्वीर बदल दी। भाजपा की जीत को कांग्रेस के लंबे वर्चस्व के अंत के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, जिला परिषद चुनाव में हुए बदलाव का असर आने वाले समय में जिले की राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।

भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह

भाजपा की जीत के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह जीत जनता के विश्वास और संगठन की मेहनत का परिणाम है।

पार्टी नेताओं ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि जिला परिषद के माध्यम से विकास कार्यों को गति मिलेगी।

विकास कार्यों पर रहेगा फोकस

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने अब जिला परिषद की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की चुनौती होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे जिला परिषद के प्रमुख एजेंडे में रहेंगे।

अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने संकेत दिए हैं कि वे सभी क्षेत्रों को साथ लेकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

जिले की राजनीति में नए समीकरण

कुल्लू जिला परिषद चुनाव के नतीजों ने जिले की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं। लंबे समय बाद भाजपा को जिला परिषद नेतृत्व में जगह मिलने से पार्टी का मनोबल बढ़ा है।

वहीं, कांग्रेस के लिए यह परिणाम एक राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा के नेतृत्व वाली जिला परिषद जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है और जिले के विकास को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।

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