शिमला: हिमाचल प्रदेश में रामपुर और किन्नौर क्षेत्र के लोगों के लिए हवाई संपर्क की नई सुविधा शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने शिमला के संजौली से रामपुर के बीच 21 अक्टूबर 2026 से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की घोषणा की है। रामपुर से किन्नौर जिले के रिकांगपिओ तक भी सेवा उपलब्ध होगी। इससे पहाड़ी सड़कों पर लंबे सफर के मुकाबले यात्रियों को कम समय में गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा। सरकार के अनुसार, पहल का उद्देश्य दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों के लिए परिवहन सुविधा बेहतर बनाना है। 
सप्ताह में तीन दिन मिलेगी सुविधा
घोषित कार्यक्रम के अनुसार, हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होगी। संजौली से उड़ान रामपुर पहुंचेगी और वहां ठहराव के बाद रिकांगपिओ के लिए रवाना होगी। वापसी में भी हेलीकॉप्टर रिकांगपिओ से रामपुर होते हुए संजौली आएगा। यहां शुरुआत की तारीख और नियमित संचालन के दिनों में अंतर ध्यान देने योग्य है। 21 अक्टूबर 2026 बुधवार है, जबकि नियमित उड़ानों के लिए सोमवार, शुक्रवार और शनिवार बताए गए हैं। इसलिए उद्घाटन दिवस की उड़ान और उसके बाद की उपलब्धता की पुष्टि यात्रियों को संचालक से करनी चाहिए। घोषित तारीख को अपने आप नियमित बुधवार सेवा नहीं समझना चाहिए।
हेलीकॉप्टर की पूरी समय-सारणी
मार्ग प्रस्थान आगमन निर्धारित उड़ान अवधि
संजौली से रामपुर सुबह 9:55 बजे सुबह 10:30 बजे 35 मिनट
रामपुर से रिकांगपिओ सुबह 10:50 बजे सुबह 11:25 बजे 35 मिनट
रिकांगपिओ से रामपुर सुबह 11:30 बजे दोपहर 12:05 बजे 35 मिनट
रामपुर से संजौली दोपहर 12:10 बजे दोपहर 12:45 बजे 35 मिनट
निर्धारित समय-सारणी में प्रत्येक चरण के लिए 35 मिनट रखे गए हैं। संजौली से रामपुर पहुंचने के बाद आगे की उड़ान के बीच 20 मिनट का अंतर है। वापसी में रामपुर पहुंचने और संजौली के लिए रवाना होने के बीच पांच मिनट निर्धारित हैं। 
संजौली से रिकांगपिओ तक डेढ़ घंटे का कार्यक्रम
समय-सारणी के हिसाब से संजौली से सुबह 9:55 बजे रवाना होने वाला हेलीकॉप्टर रामपुर के ठहराव सहित 11:25 बजे रिकांगपिओ पहुंचेगा। इस तरह दोनों चरणों की कुल निर्धारित यात्रा अवधि एक घंटा 30 मिनट है। इसमें 70 मिनट उड़ान और 20 मिनट का ठहराव शामिल है। वापसी में रिकांगपिओ से सुबह 11:30 बजे प्रस्थान के बाद संजौली पहुंचने का समय दोपहर 12:45 बजे है। यह कुल एक घंटा 15 मिनट का कार्यक्रम है। ये गणनाएं घोषित समय-सारणी पर आधारित हैं; इनमें यात्रियों के रिपोर्टिंग और अन्य औपचारिकताओं में लगने वाला समय शामिल नहीं है।
स्थानीय लोगों से संवाद के बाद उठाया कदम
राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रामपुर क्षेत्र के दौरे के दौरान स्थानीय निवासियों से बातचीत की थी। इस संवाद में दूरदराज के लोगों की आवागमन संबंधी कठिनाइयों और बेहतर संपर्क की जरूरत सामने आई।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने संजौली और रामपुर के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। उनके निर्देशों के अनुरूप क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत इस मार्ग पर संचालन के लिए पवन हंस से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। सरकार को उम्मीद है कि इससे रामपुर क्षेत्र के लोगों को शिमला आने-जाने का अतिरिक्त साधन मिलेगा। 
किन्नौर तक यात्रा का अतिरिक्त विकल्प
रामपुर से रिकांगपिओ तक सेवा उपलब्ध होने से किन्नौर क्षेत्र का हवाई संपर्क भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। यात्रियों को अपनी जरूरत और उड़ान की उपलब्धता के अनुसार सड़क यात्रा के साथ एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा। इस सेवा को नियमित यात्री परिवहन के रूप में घोषित किया गया है। इसे समर्पित एयर एंबुलेंस या हर समय उपलब्ध आपातकालीन सेवा मानना उचित नहीं होगा। किसी चिकित्सा जरूरत के लिए हेलीकॉप्टर की उपलब्धता और आवश्यक व्यवस्था की अलग पुष्टि जरूरी होगी।
अन्य हवाई मार्गों से भी जुड़ रहा प्रदेश
क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान 5.1 के अंतर्गत शिमला, रामपुर, रिकांगपिओ, कुल्लू, मनाली, मंडी और चंडीगढ़ को जोड़ने वाले मार्ग हेरिटेज एविएशन और पवन हंस को आवंटित किए गए हैं। अलग-अलग मार्गों पर इन कंपनियों की सेवाएं क्षेत्रीय हवाई संपर्क का हिस्सा हैं। हेरिटेज एविएशन शिमला-रिकांगपिओ, शिमला-कुल्लू-शिमला और कुल्लू के रास्ते चंडीगढ़-मंडी मार्ग पर उड़ानें संचालित कर रही है। पवन हंस की संजौली-चंडीगढ़ सेवा भी इस नेटवर्क में शामिल है। नए मार्ग को इसी व्यापक संपर्क व्यवस्था की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। 
किराया और बुकिंग की जानकारी की पुष्टि जरूरी
उपलब्ध घोषणा में नई सेवा का निश्चित किराया, सीटों की संख्या और बुकिंग की विस्तृत प्रक्रिया स्पष्ट नहीं दी गई है। इसलिए यात्रियों को टिकट लेने से पहले संचालन दिवस, उपलब्ध सीट, किराया और रिपोर्टिंग समय की पुष्टि करनी चाहिए। विशेष रूप से आगे की यात्रा का टिकट या ठहरने की व्यवस्था करते समय घोषित समय और वास्तविक उड़ान उपलब्धता का मिलान उपयोगी रहेगा। नियमित संचालन शुरू होने के बाद यह सेवा रामपुर और किन्नौर के लोगों के लिए शिमला तक पहुंचने का महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है।
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