हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश निवासी 21 वर्षीय लक्ष्मण पटेल को हत्या के आरोपों से दोषमुक्त करार दिया है। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने सत्र न्यायाधीश कुल्लू के फैसले को पलटते हुए अपीलकर्ता को दोषमुक्त किया।
निचली अदालत ने अपीलकर्ता को हत्या के मामले में दोषी पाते हुए उम्रकैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस पर अपने साथी को जान से मारने का आरोप लगाया गया था। वाराणसी से हिमाचल आए दोनों घर-घर जाकर कपड़े बेचने का काम करते थे।
मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने दोषी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-302 में मामला दर्ज किया। अभियोजन पक्ष ने दोषी के खिलाफ अभियोग साबित करने के लिए गवाहों के बयान दर्ज करवाए। निचली अदालत ने दोषी को मृतक की हत्या के जुर्म में उम्रकैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस निर्णय को दोषी ने अपील के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी।
हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े तमाम रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अपने निर्णय में कहा है कि अभियोजन पक्ष दोषी के खिलाफ अभियोग साबित करने में नाकाम रहा है। खंडपीठ ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए दोषी को हत्या के आरोपों से दोषमुक्त किया है।
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