कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में मिड-डे मील को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। पतलीकूहल स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी में मिड-डे मील के तहत परोसी गई खीर खाने के बाद करीब 47 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल में मंगलवार को बच्चों को
मिड-डे मील
में खीर परोसी गई थी। खीर खाने के कुछ समय बाद कई बच्चों की तबीयत अचानक खराब होने लगी। कुछ बच्चों को उल्टी की शिकायत हुई, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने उन्हें उपचार के लिए पतलीकूहल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और खीर में इस्तेमाल किए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टरों ने फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अधिकारियों के मुताबिक, अधिकतर बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है। कुछ बच्चों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ बच्चों का उपचार जारी है। प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मिड-डे मील की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटना के बाद स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन अब सैंपल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिससे बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह सामने आ सके।
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