Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: मंडी में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। पिछले वर्ष जिले में कुल 250 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 97 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन सड़क हादसों के पीछे तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, खराब सड़क स्थिति और यातायात नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण रहे हैं। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में मोड़दार और संकरी सड़कों पर दुर्घटनाओं की संभावना अधिक पाई गई है। Himachal Pradesh में सड़क दुर्घटनाओं की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है, और मंडी जिला इस मामले में संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। लगातार हो रहे हादसों ने प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद दुर्घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में वाहन चालकों द्वारा सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाती है, जिससे गंभीर परिणाम सामने आते हैं। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए न केवल बुनियादी ढांचे को सुधारने की जरूरत है, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी बेहद जरूरी है। Mandi district में स्थानीय लोगों ने भी चिंता जताई है कि लगातार हो रही दुर्घटनाओं से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं। प्रशासन ने कहा है कि ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां सुधार कार्य किए जा रहे हैं और यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। कुल मिलाकर, मंडी में सड़क दुर्घटनाओं का यह आंकड़ा गंभीर स्थिति को दर्शाता है, जिसमें 97 लोगों की मौत ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और सुधार की तत्काल आवश्यकता को उजागर किया है।